
मुंबई : (Mumbai) आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना (Ayushman Bharat Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana and the Mahatma Jyotirao Phule Jan Arogya Yojana) को अच्छे से लागू करने की वजह से ठाणे ज़िला राज्य में पब्लिक हेल्थ सिस्टम का एक मॉडल बन रहा है। कैशलेस, क्वालिटी और बिना परेशानी वाला इलाज सिर्फ़ एक कॉन्सेप्ट नहीं है, बल्कि असल में लाखों लोगों की ज़िंदगी में शामिल हो गया है।
स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबितकर (Health Minister Prakash Abitkar) की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल में हुई रिव्यू मीटिंग में ठाणे ज़िले के परफॉर्मेंस का खास ज़िक्र किया गया। अब तक ठाणे ज़िले में 12.31 लाख से ज़्यादा लोगों को आयुष्मान कार्ड का प्रोटेक्शन मिला है, और बड़ी संख्या में बेनिफिशियरी ने इलाज के लिए कार्ड का इस्तेमाल किया है। आने वाले समय में ज़िले में 56 लाख 96 हज़ार आयुष्मान कार्ड बांटने का टारगेट रखा गया है, और शहरी और ग्रामीण इलाकों में खास कैंपेन चलाए जा रहे हैं।
यह सफलता की कहानी जिले में लिस्टेड 160 सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के बड़े नेटवर्क, ट्रेंड हेल्थ फ्रेंड्स, फील्ड टीमों और जिला प्रशासन के बीच अच्छे तालमेल की वजह से पूरी हुई है। यह स्कीम खासकर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है।
हेल्थ सर्विसेज़ के माननीय डिप्टी डायरेक्टर डॉ. अशोक नंदपुरकर (Deputy Director of Health Services, Dr. Ashok Nandapurkar) ने कहा, “ठाणे जिले का प्रशासन, हेल्थ सिस्टम और फील्ड टीमें तालमेल से काम कर रही हैं, इसलिए कम समय में बड़ी संख्या में लाभार्थियों तक पहुंचना संभव हो पाया है।
जिला सीनियर कोऑर्डिनेटर डॉ. रवींद्र जगतकर ने बताया, “अगले फेज़ में, ठाणे जिले में स्कीम का दायरा बढ़ाने पर ज़ोर दिया जाएगा।”
आयुष्मान भारत और महात्मा फुले जन आरोग्य योजना ठाणे जिले (Thane District Civil Hospital) के लिए सिर्फ़ इलाज का सिस्टम नहीं है, बल्कि भरोसे, सम्मान और सुरक्षा का आधार भी है। ठाणे जिला सिविल अस्पताल के सर्जन डॉक्टर कैलाश पावर का कहना है कि हेल्थ कोई सर्विस नहीं बल्कि एक सोशल कमिटमेंट है। हमारा मकसद आयुष्मान भारत और महात्मा फुले जन आरोग्य योजना का फ़ायदा ठाणे ज़िले के हर योग्य नागरिक तक पहुंचाना है,”।


