
मुंबई : (Mumbai) बारामती विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार (Chief Minister Devendra Fadnavis and Deputy Chief Minister Sunetra Pawar) के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद यह साफ हो गया है कि भाजपा इस सीट को जीतने के लिए बड़े भाई की भूमिका निभाने को तैयार है। वहीं, विपक्षी गठबंधन में उम्मीदवार को लेकर भारी खींचतान नजर आ रही है। मुख्यमंत्री के सरकारी आवास वर्षा पर बुधवार को एक घंटे तक चली बैठक में सुनेत्रा पवार के साथ सुनील तटकरे, पार्थ पवार और हसन मुश्रीफ (Sunil Tatkare, Parth Pawar, and Hasan Mushrif) मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, फडणवीस ने आश्वासन दिया कि भाजपा का पूरा कैडर सुनेत्रा पवार को जिताने के लिए मैदान में उतरेगा। नामांकन वापसी की आखिरी तारीख से ठीक पहले हुई इस मुलाकात ने महायुति के इरादे साफ कर दिए हैं।
कांग्रेस के भीतर ‘गृहयुद्ध’ की स्थिति
बारामती में कांग्रेस ने आकाश मोरे (Akash More) को उम्मीदवार बनाया है, लेकिन पार्टी दो गुटों में बंट गई है। एक गुट चुनाव लड़ने पर अड़ा है और इसे लोकतांत्रिक अधिकार बता रहा है। दूसरा गुट उम्मीदवार वापस लेने के पक्ष में है और चुनाव प्रचार से दूरी बना ली है। प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल (State President Harshvardhan Sapkal) ने स्पष्ट किया कि उन्हें पर्चा वापस लेने के लिए महायुति के किसी नेता ने फोन नहीं किया है, हालांकि दिल्ली हाईकमान से संपर्क साधा जा रहा है।
शरद पवार और उद्धव ठाकरे का सस्पेंस
इस उपचुनाव में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शरद पवार गुट (Sharad Pawar faction) ने अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है। वहीं, शिवसेना (Uddhav faction) ने भी अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। विपक्षी खेमे की यह चुप्पी सुनेत्रा पवार के लिए राह आसान करेगी या कोई ‘सीक्रेट प्लान’ है, यह चर्चा का विषय बना हुआ है।


