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Mumbai : अंबरनाथ में भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए शिवसेना-राकांपा ने किया गठबंधन

Mumbai: Shiv Sena-NCP Alliance Formed to Keep BJP Out of Power in Ambernath

मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र की सत्ता में साथ रहने वाली शिवसेना (Eknath Shinde faction) और राकांपा (Ajit Pawar faction) ने अंबरनाथ नगर परिषद (Ambernath Municipal Council) में अपनी ही सहयोगी भाजपा को सत्ता से बाहर रखने के लिए हाथ मिला लिया है। शुक्रवार को इन दोनों दलों ने एक निर्दलीय सदस्य के साथ मिलकर अपना नया समूह बनाया है। इस कदम ने स्थानीय निकाय के समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है। शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं ने पुष्टि की है कि उन्होंने राकांपा और निर्दलीय सदस्य के साथ मिलकर जिला प्रशासन को गठबंधन का पत्र सौंप दिया है। यह कदम भाजपा की उन योजनाओं को विफल करने के लिए उठाया गया है, जिसके तहत वह कांग्रेस के बागी पार्षदों के दम पर नगर परिषद पर कब्जा करने की तैयारी कर रही थी।

कांग्रेस के बागियों का भाजपा में प्रवेश

इस पूरे विवाद की जड़ वह घटनाक्रम था, जिसमें कांग्रेस से निलंबित किए गए 12 पार्षद भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा ने अपनी कट्टर प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के बागियों के साथ मिलकर ‘अंबरनाथ विकास आघाडी’ (Ambernath Vikas Aghadi) (AVA) बनाई थी, ताकि शिवसेना को दरकिनार किया जा सके। लेकिन अब शिवसेना और राकांपा के नए गठबंधन ने भाजपा की इस रणनीति को तगड़ा झटका दिया है।

चुनाव परिणाम और सीटों का गणित

60 सदस्यीय अंबरनाथ नगर परिषद (Ambernath Municipal Council) के हालिया चुनाव में शिवसेना 27 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। वहीं भाजपा को 14, कांग्रेस को 12, राकांपा को 4 और निर्दलीयों को 2 सीटें मिली थीं। बहुमत के लिए 31 सीटों की आवश्यकता है, और भाजपा ने शुरू में कांग्रेस और राकांपा के साथ मिलकर 32 सदस्यों का जुगाड़ कर लिया था। भाजपा और कांग्रेस के बीच हुए इस ‘असामान्य’ गठबंधन से कांग्रेस आलाकमान को काफी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी थी। इसके चलते पार्टी ने बुधवार को अपने सभी 12 नवनिर्वाचित पार्षदों और एक प्रखंड अध्यक्ष को निलंबित कर दिया। इसी राजनीतिक अस्थिरता का लाभ उठाते हुए शिवसेना और अजित पवार की राकांपा ने अपने पुराने मतभेद भुलाकर नया मोर्चा तैयार किया।

नया बहुमत और सत्ता का दावा

ताजा घटनाक्रम के बाद अब शिवसेना (27), राकांपा (4) और एक निर्दलीय सदस्य को मिलाकर इस नए गठबंधन की कुल संख्या 32 हो गई है। इस जादुई आंकड़े के साथ अब यह गुट नगर परिषद में सरकार बनाने का प्रबल दावेदार बन गया है। हालांकि, नगर परिषद अध्यक्ष भाजपा से हैं, लेकिन पार्षदों के इस नए ध्रुवीकरण ने अंबरनाथ की राजनीति को बेहद दिलचस्प बना दिया है।

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