
मुंबई : (Mumbai) पश्चिम रेलवे (Western Railway) ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान टिकट चेकिंग अभियान में एक नया इतिहास रच दिया है। बिना टिकट यात्रा करने वालों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ की गई इस बड़ी कार्रवाई से रेलवे को रिकॉर्ड तोड़ राजस्व प्राप्त हुआ है। पश्चिम रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में अनुशासन का नया मानक स्थापित किया है। साल भर चले सघन चेकिंग अभियानों के जरिए कुल 32.74 लाख अनियमित यात्रा के मामले पकड़े गए, जिनसे रेलवे के खजाने में 209.30 करोड़ रुपये जमा हुए। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में करीब 39% ज्यादा है।
11 महीने में ही मिशन फतह
रेलवे बोर्ड ने पश्चिम रेलवे के लिए टिकट चेकिंग राजस्व का जो लक्ष्य तय किया था, उसे विभाग की मुस्तैद टीम ने समय से पहले यानी मात्र 11 महीनों में ही हासिल कर लिया। अकेले मार्च 2026 के महीने में ही 2.87 लाख मामलों से ₹18.25 करोड़ का जुर्माना वसूला गया है।
₹54 करोड़ से ज्यादा का दंड
मुंबई की लाइफलाइन (“lifeline of Mumbai”) कही जाने वाली लोकल ट्रेनों (उपनगरीय खंड) में भी चेकिंग काफी सख्त रही। साल भर में 11.60 लाख से अधिक मामले सामने आए, जिनसे 54.55 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। मार्च के महीने में ही 1 लाख लोगों को बिना उचित टिकट के पकड़ा गया।
एसी लोकल में ‘बिना टिकट’ वालों पर स्ट्राइक
एसी लोकल ट्रेनों में सामान्य टिकट लेकर घुसने वाले यात्रियों के खिलाफ रेलवे ने विशेष अभियान चलाया। इसके परिणाम स्वरूप 1.3 लाख मामलों में 4.18 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। पिछले साल यह राशि ₹2.10 करोड़ थी, यानी इस बार वसूली में 99% से अधिक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने स्पष्ट किया कि इन अभियानों का उद्देश्य केवल राजस्व कमाना नहीं, बल्कि उन वैध यात्रियों के हितों की रक्षा करना है जो ईमानदारी से टिकट खरीदकर यात्रा करते हैं।


