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MUMBAI : वेस्टर्न रेलवे के रेल सुरक्षा बल ने चलती ट्रेन में दो बच्चों की डिलीवरी में की मदद

गोधरा रेलवे स्टेशन पर ठहराव न होने के बावजूद ट्रेन को यात्री की मदद हेतु रोका

मुंबई : वेस्टर्न रेलवे का रेल सुरक्षा बल ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों की सहायता करने, और विशेष रूप से देखभाल और सुरक्षा की ज़रूरत वाले महिलाओं और बच्चों को सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एक अनोखे मामले में 29 अक्टूबर, 2022 को वेस्टर्न रेलवे के आरपीएफ कर्मियों ने दो अलग-अलग ट्रेनों में दो महिलाओं को उनके बच्चों को जन्म देने में मदद की।वेस्टर्न रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी सुमित ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार ट्रेन संख्या 16210 मैसूर-अजमेर एक्सप्रेस में सूरत से अहमदाबाद के बीच नडियाद की एस्कॉर्टिंग पार्टी को एक यात्री, मोहन लाल से 05.20 बजे सूचना मिली कि उनके साथ यात्रा कर रही उनकी पत्नी को अचानक प्रसव पीड़ा का अनुभव हो रहा था। उक्त महिला यात्री ने वटवा और अहमदाबाद स्टेशनों के बीच चलती ट्रेन में उसी कोच में एक बुजुर्ग यात्री की मदद से एक बच्ची को जन्म दिया। ट्रेन एस्कॉर्टिंग पार्टी ने अहमदाबाद में सुरक्षा नियंत्रण कक्ष को सूचना दी कि वह अहमदाबाद स्टेशन पर आगे के इलाज के लिए महिला आरपीएफ कर्मियों और एम्बुलेंस को अलर्ट करे। स्टेशन पर पहुंचने के बाद, मां और बच्चे को कोच के अंदर एक रेलवे डॉक्टर ने देखा और आगे के इलाज के लिए उसके पति के साथ अस्पताल भेज दिया।

नियंत्रण कक्ष और आईपीएफ, गोधरा को सूचना देकर ट्रेन को रोका गया
एक अन्य मामले में 29 अक्टूबर, 2022 को ही ट्रेन संख्या 22634 हजरत निजामुद्दीन-तिरुवनंतपुरम सेंट्रल एक्सप्रेस में मथुरा से वडोदरा जा रही 29 वर्षीय महिला यात्री को चलती ट्रेन में अचानक प्रसव पीड़ा हुई। इसकी सूचना मिलने पर हालांकि ट्रेन का गोधरा स्टेशन पर ठहराव नहीं था, लेकिन नियंत्रण कक्ष और आईपीएफ, गोधरा को सूचना देकर ट्रेन को रोका गया। स्टेशन पहुंचने के बाद महिला यात्री ने एक बच्चे को जन्म दिया और उसे आगे के इलाज के लिए गोधरा सिविल अस्पताल भेज दिया गया। महिला के पति को सूचित किया गया,जिन्‍होंने आरपीएफ को उनकी सहायता और देखभाल के लिए धन्यवाद दिया।

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