
मुंबई/पुणे : (Mumbai/Pune) पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर एलपीजी गैस की कमी (shortage of LPG gas) के बीच महाराष्ट्र सरकार ने स्थिति पर कड़ी नजर रखते हुए उद्योगों और आम नागरिकों को गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का भरोसा दिया है। राज्य के शिष्टाचार मंत्री जयकुमार रावल (State Protocol Minister Jaykumar Rawal) ने कहा कि महाराष्ट्र में कार्यरत हर विदेशी कंपनी को राज्य का हिस्सा मानते हुए उनकी हर संभव सहायता की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संकट के बावजूद किसी भी उद्योग को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
उच्चस्तरीय बैठक में आपूर्ति पर मंथन
पुणे में संचालित विदेशी निवेश वाले उद्योगों को एलपीजी आपूर्ति सुचारू रखने के लिए सह्याद्री अतिथि गृह (Sahyadri Guest House) में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक दक्षिण कोरिया, स्वीडन और जापान के महावाणिज्य दूतों के आग्रह पर बुलाई गई थी, जिसमें आपूर्ति व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री रावल ने बताया कि वैश्विक हालात के कारण सप्लाई में बाधाएं और शिपिंग लागत में वृद्धि जैसी समस्याएं सामने आई हैं। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Prime Minister Narendra Modi and the guidance of Chief Minister Devendra Fadnavis) के मार्गदर्शन में राज्य सरकार लगातार हालात संभालने के प्रयास कर रही है।
कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम
एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए हर जिले में कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन , (control rooms and helplines)शुरू की गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाए और कृत्रिम कमी पैदा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। बैठक में विभाग के सचिव डॉ. गवांदे (Department Secretary Dr. Gavande) ने बताया कि फिलहाल किसी विदेशी उद्योग ने गैस आपूर्ति को लेकर शिकायत नहीं की है। केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार एलपीजी वितरण चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है—पहले अस्पताल और शैक्षणिक संस्थान, फिर रेस्टोरेंट और खाद्य उद्योग, और अंत में श्रम-प्रधान उद्योगों को प्राथमिकता दी जा रही है। राज्य सरकार ने दोहराया कि मौजूदा संकट के बावजूद आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि उद्योग और नागरिक प्रभावित न हों।


