
मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis) ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि सातारा जिला परिषद चुनाव में हुई पुलिस ज्यादती की गहन छानबीन करवाई जाएगी।
मुख्यमंत्री फडणवीस आज विधान सभा में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Deputy Chief Minister Eknath Shinde) की ओर से उपस्थित किए गए सातारा जिला परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव में की गई पुलिस ज्यादती के मुद्दे का जवाब दे रहे थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मामले की छानबीन कर सत्य आम जनता के सामने लाया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधान परिषद को बताया कि सातारा जिला परिषद के अध्यक्ष पद चुनाव के एक दिन पहले वहां के दो नगरसेवकों के विरुद्ध दस साल पुराने मामले को लेकर मामला दर्ज किया गया। इसके बाद इन दोनों नगरसेवकों को अध्यक्ष पद के चुनाव में शामिल होने से रोका गया। यह सब सातारा जिले के अधीक्षक तुषार दोशी (Satara District Superintendent Tushar Doshi) के नेतृत्व में किया गया और मंत्री के साथ भी मारपीट की गई।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि देश में लोकशाही में किसी को मतदान से रोकने की ऐतिहासिक घटना सातारा जिला परिषद के अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान हुई है। इससे पहले कैदियों को मतदान देने की व्यवस्था देश में की गई है। उन्हाेंने इस मामले की गहन छानबीन की मांग की।
इससे पहले विधान परिषद में शिवसेना शिंदे समूह के नेता और मंत्री शंभूराजे देसाई (Shambhuraje Desai) ने सातारा जिला परिषद में अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान पुलिस ज्यादती का मुद्दा उपस्थित किया था। इसके बाद विधान परिषद की उप सभापति नील गोरहे ने सातारा जिला पुलिस अधीक्षक को तत्काल निलंबित किए जाने का आदेश राज्य सरकार को दिया था। हालांकि इस मुद्दे पर विधान परिषद के सभापति राम शिंदे (Legislative Council, Ram Shinde) ने मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात की है।


