
मुंबई : शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) सांसद राजन विचारे की सुरक्षा वापस लेने के राज्य सरकार के फैसले को अब हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। विचारे की ओर से एडवोकेट नितिन सतपुते ने यह याचिका दायर की है और इस पर 9 जनवरी को सुनवाई होगी। राजन विराजन विचारे की सुरक्षा हटाने के मामले में यह आपराधिक रिट याचिका (CRWP(ST)संख्या 41/2023) बंबई उच्च न्यायालय में एक फौजदारी वकील नितिन सतपुते द्वारा दायर की गई थी। इस बात पर आपत्ति जताई गई है कि बेवजह सुरक्षा में कमी क्यों की गई है। सुरक्षा व्यवस्था क्यों कम की गई है? नितिन सतपुते ने इंगित किया है कि एकनाथ शिंदे पार्टी के कार्यकर्ता जो सांसद या विधायक नहीं हैं, उनके पास भी सुरक्षा है और उन्होंने मांग की है कि राजन विचारे को बहाल किया जाना चाहिए या दूसरों की तरह सुरक्षा दी जानी चाहिए। सांसद, निर्भया वाहन का उपयोग मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट और उसके विधायकों और सांसदों की वीआईपी सुरक्षा के लिए भी किया जाता है। एकनाथ शिंदे गुट के विधायक व सांसद की सुरक्षा के लिए सभी थानों से बोलेरो वाहन मंगाए गए हैं। फिर कहते हैं कि राजन विचारे को क्यों हटाया गया। एड. नितिन सतपुते ने जानकारी दी है कि इस याचिका पर 9 जनवरी को सुनवाई होगी।


