मुंबई : (Mumbai) इमरान हाशमी और यामी गौतम की (Emraan Hashmi and Yami Gautam’s) फिल्म ‘हक’ को लेकर चल रहा विवाद अब समाप्त हो गया है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (Madhya Pradesh High Court) ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को खारिज करते हुए फिल्म के प्रदर्शन का रास्ता साफ कर दिया है। अदालत ने माना कि यह फिल्म 1985 के ऐतिहासिक शाह बानो मामले से प्रेरित (landmark 1985 Shah Bano case) है, न कि उस पर आधारित। दरअसल, शाह बानो बेगम की बेटी सिद्दीका बेगम खान (Siddiqa Begum Khan, Shah Bano Begum’s daughter) ने फिल्म की रिलीज रोकने की मांग करते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि फिल्म उनकी मां के जीवन पर आधारित है और इसे उनकी अनुमति के बिना बनाया गया है।
उच्च न्यायालय ने निजता के अधिकार पर दी अहम टिप्पणी
इंदौर पीठ के न्यायमूर्ति प्रणय वर्मा (Siddiqa Begum Khan, Shah Bano Begum’s daughter) ने सुनवाई के दौरान कहा, “किसी व्यक्ति द्वारा अर्जित निजता या प्रतिष्ठा उसकी मृत्यु के साथ समाप्त हो जाती है। इसे किसी चल या अचल संपत्ति की तरह विरासत में नहीं दिया जा सकता।” उन्होंने आगे कहा कि फिल्म के डिस्क्लेमर में स्पष्ट रूप से लिखा है कि यह नाटक काल्पनिक है, एक किताब पर आधारित है और उच्चतम न्यायालय के एक फैसले से प्रेरित है, इसलिए इसे मनगढ़ंत नहीं कहा जा सकता।
अदालत ने यह भी कहा कि जब कोई मामला सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा बन जाता है, तो उस पर टिप्पणी करना प्रेस और मीडिया का वैध अधिकार (press and media have a legitimate right to comment on it) है। इस आधार पर अदालत ने फिल्म की रिलीज़ पर कोई प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया। सुपर्ण एस. वर्मा द्वारा निर्देशित ‘हक’ में इमरान हाशमी और यामी गौतम मुख्य भूमिकाओं में हैं। अब कोर्ट के फैसले के बाद फिल्म 7 नवंबर को निर्धारित समय पर सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है।


