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Mumbai : एनसीपी के रुख से विपक्ष में खलबली, महाविकास आघाडी के अस्तित्व पर सवालिया निशान

शरद पवार ने जेपीसी को बताया गैरजरूरी

अजित पवार ने ईवीएम को भरोसेमंद करार दिया

मुंबई : भाजपा के खिलाफ लामबंद हो रहे विपक्ष के खेमे में शनिवार को एनसीपी की ओर से आये बयान ने मिसाइल हमले का काम किया है। एक ओर जहां एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने प्रेस कान्फ्रेंस कर अडाणी मुद्दे पर अपनी बात दोहराई, दूसरी ओर वहीं उनके भतीजे और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजित पवार ने ईवीएम के मुद्दे पर संजय राऊत को खरी-खरी सुना दी। नतीजतन, राज्य में बनी महाविकास आघाडी के अस्तित्व पर सवालिया निशान लग रहे हैं।

कांग्रेस की पुरानी सहयोगी रही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के मुखिया शरद पवार ने शुक्रवार को अडाणी मुद्दे पर अपनी अलग राय रखी थी। इसके चलते अडाणी मुद्दे पर जेपीसी की मांग करने वाली कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियां सकते में आ गईं। राजनीतिक गलियारों में पवार के बयान के मायने निकाले ही जा रहे थे कि इसी बीच एनसीपी प्रमुख ने शनिवार को मुंबई में प्रेस कान्फ्रेंस कर अपनी बात अधिक विस्तार से रखी। एक ओर शरद पवार ने जहां संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को गैरजरूरी बताया वहीं उन्होंने उद्योगपति गौतम अडाणी का बचाव भी किया। नतीजतन, विरोधी खेमा सकते मे आ गया है। शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने ईवीएम को लेकर शिवसेना नेता संजय राऊत के बयान को सिरे खारिज कर दिया। बतौर अजित पवार ईवीएम एक बेहतर विकल्प है और इसमे धांधली की कोई गुंजाइश नहीं है। अजित के इस बयान के बाद शिवसेना के ठाकरे गुट को बड़ा झटका लगा है।

बांग्लादेश मे 2024 में होने वाले चुनाव में ईवीएम का इस्तेमाल नहीं होगा। इस खबर पर शिवसेना के ठाकरे गुट के नेता संजय राऊत ने भारत मे ईवीएम का इस्तेमाल बंद करने की मांग कर दी। वैसे विपक्षी पार्टियां समय-समय पर ईवीएम में धांधली की शिकायतें दर्ज कराती रहती हैं लेकिन एनसीपी नेता अजित पवार ने ईवीएम पर भरोसा जताते हुए चुनाव में इसका इस्तेमाल जारी रखने की बात कही। नतीजतन, शिवसेना का ठाकरे गुट हक्का-बक्का रह गया है। ईवीएम को लेकर संजय राऊत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अजित पवार ने कहा कि अगर ईवीएम में गड़बड़ी होती तो छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, पंजाब, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में विपक्षी दलों की सरकारें न बनतीं।

अजित ने आगे कहा, ‘हमारे देश में ईवीएम से छेड़छाड़ संभव नहीं है। यह पूरी तरह से एक बड़ी प्रणाली है। इसमें बहुत सारे चेक और बैलेंस हैं।’ बतौर अजित पवार अगर किसी तरह यह साबित हो जाता है कि ईवीएम से छेड़छाड़ की गई है तो देश में बड़ा बवाल हो जाएगा। नतीजतन, मुझे नहीं लगता कि कोई भी ऐसा करने की हिम्मत करेगा। कई बार कुछ लोग चुनाव हार जाते हैं लेकिन उन्हें लगता है कि हम हार नहीं सकते, फिर वे ईवीएम को लेकर आरोप लगाने लगते हैं लेकिन वास्तव में वह जनता का वास्तविक जनादेश होता है।

गौरतलब है कि एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार राजनीति के चाणक्य माने जाते हैं। वह विपक्षी पार्टियों में एक बड़ा चेहरा भी हैं। ऐसे में शरद पवार द्वारा सावरकर का मुद्दा और अडाणी मामले मे जेपीसी को गैरजरूरी बताना तथा अजित पवार द्वारा ईवीएम पर विश्वास जताना महाविकास आघाडी के बिखराव का आगाज माना जा रहा है।

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