मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र राज्य सहकारी (शिखर) बैंक घोटाला मामले में मुंबई की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने गुरुवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party) (NCP SP) के नेता रोहित पवार (leader Rohit Pawar) को जमानत दे दी। प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) (ED) ने महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक घोटाला मामले में मुंबई की एक विशेष अदालत में धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत रोहित पवार और कुछ अन्य के खिलाफ एक पूरक आरोप पत्र दायर किया था। इसी मामले में अदालत ने आज रोहित पवार को जमानत दे दी।
ईडी सूत्रों ने बताया कि महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक (Maharashtra State Cooperative Bank) के तत्कालीन अधिकारियों और निदेशकों ने कई सहकारी चीनी मिलों को अवैध रूप से बहुत कम दामों पर अपने करीबी सहयोगियों और संबंधित निजी कंपनियों को बेच दिया था। इस बिक्री में न तो पारदर्शी प्रक्रिया का पालन किया गया और न ही कानूनी औपचारिकताओं का पालन किया गया था। ईडी ने इस मामले में 9 जुलाई, 2025 को अदालत में तीसरा आरोप पत्र दायर किया। इसमें 3 नए लोगों को आरोपित बनाया गया है। इसमें विधायक रोहित पवार, बारामती एग्रो लिमिटेड कंपनी और राजेंद्र इंगवाले (Baramati Agro Limited Company and Rajendra Ingwale) का नाम शामिल है।
उल्लेखनीय है कि ईडी ने आरोप पत्र दायर करने से पहले रोहित पवार की बारामती एग्रो कंपनी की 50 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति ज़ब्त की थी। जनवरी 2023 में, ईडी ने बारामती एग्रो के कई ठिकानों पर छापे मारे थे। उसके बाद, कर्जत-जामखेड निर्वाचन क्षेत्र से एनसीपी विधायक रोहित पवार (NCP MLA from Karjat-Jamkhed constituency Rohit Pawar) को पूछताछ के लिए ईडी के मुंबई कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया था। यह जाँच अगस्त 2019 में मुंबई आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज एक प्राथमिकी पर आधारित है। शिकायत में भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत गंभीर आरोप शामिल थे।


