
मुंबई : (Mumbai) अहिल्यानगर से एनसीपी (NCP) (SP) के नेता सूर्यकांत मोरे (Suryakant More) को उच्च सदन और सभापति की अवमानना के लिए मंगलवार को विधान परिषद में 7 दिन की जेल की सजा सुनाई गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) ने इस बारे में सदन में एक प्रस्ताव रखा था।
भाजपा के प्रवीण दरेकर और श्रीकांत भारतीय (BJP members Pravin Darekar and Shrikant Bharatiya) ने मोरे के ख़िलाफ़ विशेषाधिकार हनन की नोटिस दी थी। उसके बाद विशेषाधिकार हनन कमिटी के चेयरमैन प्रसाद लाड ने कमिटी की रिपोर्ट सदन में पेश की। इस रिपोर्ट में मोरे को 30 दिन की जेल की सज़ा देने की सिफारिश की गई थी। इस बीच मुख्यमंत्री फडणवीस ने सदन में मोरे द्वारा विधान परिषद व सभापति के समक्ष माफी मांगने और सजा में कमी करने का प्रस्ताव रखा।
इसके मुताबिक 30 दिन की जगह 7 दिन की जेल की सजा देने का फैसला किया गया। मुख्यमंत्री फडणवीस (Chief Minister Fadnavis) ने कहा कि सदन और सभापति के बारे में मोरे के आपत्तिजनक बयानों से उच्च सदन की गरिमा को नुकसान पहुंचा है। ऐसे बयानों से संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता में अविश्वास, नफरत और मजाक की भावना पैदा हो सकती है।


