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Mumbai : खत्म नहीं हो रही मुंडे की मुश्किलें

Mumbai: Munde's troubles don't end

मनोज जरांगे ने धनंजय मुंडे पर लगाया 17 लाख रुपये घूस लेने का आरोप
मुंबई : (Mumbai)
मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने (Maratha reservation movement leader Manoj Jarange Patil) महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ी हलचल मचा दी है। उन्होंने रंजना नागपूरकर नामक एक महिला के गंभीर आरोपों का हवाला देते हुए दावा किया है कि एक मामले में अनुकूल फैसला दिलाने के एवज में धनंजय मुंडे को 17 लाख रुपये दिए गए थे। महिला के पति प्रदीप नागपूरकर (woman’s husband, Pradeep Nagpurkar) पुलिस विभाग में कार्यरत थे। आरोप है कि पैसे देने के बावजूद काम नहीं हुआ, जिससे परिवार पर भारी आर्थिक और मानसिक दबाव पड़ा। महिला का दावा है कि इसी भारी तनाव के चलते उनके पति की दुखद मृत्यु हो गई। इस खुलासे के बाद जरांगे ने पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के रिश्तेदार से जुड़े हैं तार

मनोज जरांगे ने इस मामले में एक और बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि यह पूरा प्रकरण मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) के एक रिश्तेदार से जुड़ा हुआ है। हालांकि, जरांगे ने यह भी स्पष्ट किया कि संभव है कि मुख्यमंत्री को इस पूरे लेन-देन और मामले की कोई जानकारी न हो। लेकिन मामला सीधे उनके निकट संबंधियों से जुड़ा होने के कारण, यह जरूरी हो जाता है कि सरकार इस मामले का संज्ञान ले और पूरी संवेदनशीलता के साथ इसमें हस्तक्षेप करे ताकि सच्चाई सामने आ सके।

पैसे वापस मांगने पर पिस्तौल दिखाकर धमकाने का आरोप

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला आरोप पीड़िता रंजना नागपूरकर (Ranjana Nagpurkar) ने लगाया है। उनका कहना है कि पति की मृत्यु के बाद जब वह अपने 17 लाख रुपये वापस मांगने के लिए परली गई थीं, तब उन्हें धनंजय मुंडे के सामने ही पिस्तौल दिखाकर धमकाया गया। महिला का दावा है कि पैसे लौटाने के बजाय उन्हें जान से मारने की धमकी देकर वहां से भगा दिया गया। इन बेहद गंभीर आरोपों के बाद राज्य का सियासी पारा गरमा गया है और स्वतंत्र जांच की मांग तेज हो गई है।

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