
8 ईमेल आईडी और टेलीग्राम ग्रुप ‘इस्लामिक पॉलिटिक्स’ के जरिए कट्टरपंथी प्रचार का है आरोप
मुंबई : (Mumbai) इंजीनियरिंग छात्र के आतंकी कनेक्शन और कट्टरपंथी गतिविधियों के मामले में सोमवार को मुंबई की एक अदालत ने अयान की पुलिस हिरासत 12 मार्च तक बढ़ा दी है। महाराष्ट्र एटीएस (Maharashtra Anti-Terrorism Squad) (ATS) अब उसके डिजिटल फुटप्रिंट्स और ‘धर्मांतरण कनेक्शन’ जैसे गंभीर पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। सोमवार को अयान शेख (Ayan Shaikh) की पिछली कस्टडी खत्म होने पर उसे अदालत में पेश किया गया। एटीएस ने मामले की संवेदनशीलता और नए सुरागों का हवाला देते हुए 8 दिनों की रिमांड मांगी थी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अयान को 12 मार्च तक एटीएस की हिरासत में भेज दिया है।
‘इस्लामिक पॉलिटिक्स’ और विदेशी कनेक्शन
जांच में सामने आया है कि अयान ‘इस्लामिक पॉलिटिक्स’ (Islamic Politics) नाम के एक टेलीग्राम ग्रुप में बेहद सक्रिय था। इस ग्रुप में न केवल प्रतिबंधित संगठनों की विचारधारा का प्रचार होता था, बल्कि इसमें कई विदेशी सदस्य भी जुड़े थे। अयान पर आरोप है कि वह नफरत फैलाने वाली पोस्ट को न केवल लाइक करता था, बल्कि दूसरे लोगों को टैग करके उन्हें पढ़ने के लिए उकसाता भी था।
8 ईमेल आईडी और जब्त डिजिटल डिवाइस
एटीएस के हाथ अयान के दो मोबाइल फोन और एक लैपटॉप लगे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी 8 अलग-अलग ईमेल आईडी का इस्तेमाल कर रहा था। इन सभी डिवाइस की फॉरेंसिक जांच (Forensic examination) की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किन-किन लोगों के संपर्क में था और क्या किसी बड़े हमले या साजिश की प्लानिंग चल रही थी।
धर्मांतरण और निकाह का ‘आतंकी कनेक्शन’
उत्तर प्रदेश और आगरा से जुड़े इनपुट्स में यह भी अंदेशा जताया गया है कि अयान का संबंध एक ऐसे गिरोह से हो सकता है जो युवतियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनका धर्मांतरण और निकाह करवाता था। पुलिस इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि क्या इस ‘हनी ट्रैप’ या धर्मांतरण के पीछे कोई आतंकी फंडिंग या बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है।
“सिर्फ ग्रुप मेंबर होना अपराध नहीं”
अदालत में अयान ने खुद को बेगुनाह बताते हुए कहा कि एटीएस उस पर जुर्म कबूलने का दबाव बना रही है। उसके वकील इब्राहिम ने तर्क दिया कि किसी टेलीग्राम ग्रुप का हिस्सा होने मात्र से किसी पर यूएपीए(UAPA) जैसी सख्त धाराएँ नहीं लगाई जा सकतीं। हालांकि, एटीएस का कहना है कि उसके पास अयान की सक्रिय भागीदारी के पुख्ता सबूत हैं।


