
मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र के नगर विकास विभाग (Maharashtra Urban Development Department) ने शनिवार को कहा कि राज्य के २९ नगर निगमों में जनवरी महीने के अंत तक या फिर फरवरी महीने के पहले सप्ताह में महापौर चुने की संभावना है।
नगर विकास सूत्रों ने आज बताया कि महराष्ट्र की २९ नगर निगमों (29 municipal corporations of Maharashtra) में चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। लेकिन अभी तक इन नगर निगमों में महापौर पद के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। इस प्रक्रिया के बाद ही किस नगर निगम में किस वर्ग का महापौर बनेगा, यह स्पष्ट हो सकेगा। यह महापौर पद के आरक्षण के लिए प्रक्रिया लॉटरी सिस्टम अपनाया जाता है।
नगर विकास सूत्रों ने बताया कि अगले सप्ताह राज्य की २९ नगर निगमों में महापौर पद के आरक्षण के लिए लाटरी पद्धति से प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस प्रक्रिया के समाप्त होने के दस दिनों के अंदर सभी राजनीतिक दलों को महापौर का चुनाव संपन्न करवाना अनिवार्य रहेगा। इसलिए संभावना जताई जा रही है कि २९ नगर निगमों में जनवरी अंत तक अथवा फरवरी के पहले सप्ताह में महापौर का चुनाव संपन्न हो जाएगा।
महाराष्ट्र की कुल 29 नगर निगमों में से भाजपा ने 13 नगर निगमों पर स्पष्ट बहुमत पा लिया है। इनमें इचलकरंजी, पुणे, धुले, पिंपरी-चिंचवाड़, नवी मुंबई, पनवेल, उल्हासनगर, मीरा-भायंदर, नासिक, नागपुर, नांदेड़, सांगली और जालना नगर निगम (Jalna municipal corporations) शामिल हैं। इन सभी नगर निगमों में भाजपा का महापौर बनना तय है। इसी तरह भाजपा मुंबई नगर निगम में भी सहयोगी दल शिवसेना शिंदे समूह के सहयोग से अपना महापौर बनाने वाली है, जबकि ठाणे नगर निगम (Thane Municipal Corporation) में भाजपा के सहयोग से शिंदे समूह अपना महापौर बनाने वाले हैं। अमरावती नगर निगम में भी भाजपा सहयोगी दलों की मदद से अपना महापौर बनाने वाली है। लेकिन यह सब अब महापौर पद का आरक्षण घोषित करने के बाद ही होना संभव है।


