
मुंबई : मुंबई में अपनी ताकत दिखाने के लिए पानी माफियाओं ने सड़कों पर अपने वॉटर टैंकर खड़े कर दिए हैं क्योंकि महाराष्ट्र सरकार ने उनके ऊपर कार्रवाई शुरू कर दी है. वाटर टैंकर सड़कों पर खड़े होने से शहर में पानी की परेशानी बढ़ गई है. मुंबई में चलने वाले बड़े-बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट में काम करने वाले हजारों मजदूर के सामने नहाने, शौचालय जाने और खाना बनाने जैसी मूलभूत चीजों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
यहां से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, महाराष्ट्र सरकार जलसंसाधन नियमन प्राधिकरण ने मुंबई के कुओं से पानी निकालकर वाटर सप्लाई करने वाले टैंकरों पर कार्रवाई करने को कहा था. उसके बाद मुंबई पुलिस ने सर्कुलर जारी कर पुलिस स्टेशन को निर्देश दिया कि अधिकृत रूप से अनुमति लेकर क्षमता से अधिक पानी निकालने और अवैध रूप से बोरवेल, ट्यूबवेल और कुएं से पानी निकालने वाले टैंकरों पर आईपीसी की धारा 379,426,430 के तहत कार्रवाई की जाए।
10 लाख का बांड भरें और टैंकर ले जाएं
3 फरवरी 2023 को जारी इस आदेश के बाद 18 टैंकरों को पुलिस ने जब्त कर लिया है. पुलिस का कहना है कि 10 लाख रुपये का बांड भरने के बाद ही टैंकरों को छोड़ा जाएगा. पुलिस की इस कार्रवाई के बाद टैंकर मालिकों ने 8 फरवरी की रात से ही पानी की आपूर्ति बंद कर दी है. मुंबई में वाटर सप्लाई करने वाले टैंकरों को सड़क पर खड़ा कर दिया है, जिसकी वजह से मुंबई में पानी की दिक्कत खड़ी हो गई है। मुंबई में पानी की सप्लाई बाधित होने से मजदूरों के सामने भी समस्याएं खड़ी हो रही हैं, इसकी वजह से नवी मुंबई को जोड़ने वाले समुद्र पर बन रहे पुल का काम भी रुक गया है. इस प्रोजेक्ट को एलएनटी कंपनी बना रही है. प्रोजेक्ट से हजारों मजदूर जुड़े हुए हैं, लेकिन कई दिनों से पानी न आने की वजह से ये मजदूर परेशान हैं. मजदूर जहां पर रहते हैं वहां पर गंदगी का अंबार खड़ा हो गया है, ये शौचालय भी ठीक से नहीं जा पा रहे हैं।
मुंबई यूनिवर्सिटी की लड़कियां परेशान
इसके साथ ही मुंबई यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में भी पानी सप्लाई बाधित है, जिसकी वजह से हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों के सामने समस्याएं खड़ी हो गई हैं. हॉस्टल की लड़कियां ऑनलाइन आर्डर करके पीने का पानी मंगा रही हैं, लेकिन रोजमर्रा की अन्य जरूरतें के लिए इन्हें दो चार होना पड़ रहा है. लड़कियों को अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के यहां जाने पर मजबूर होना पड़ रहा है.
बीएमसी जो नहीं कर पाती वो काम हम कर रहे…
वहीं, मुंबई में टैंकर से पानी सप्लाई करने वाले वाटर टैंकर मालिकों में इस बात का गुस्सा दिखा कि बीएमसी जिस काम को पूरा नहीं कर पाती वह काम हम कर रहे हैं. मुंबई वाटर टैंकर एसोसिएशन के अध्यक्ष जसवीर सिंह बीरा का कहना है कि “हम लोगों को पानी पहुंचा रहे हैं और उसके बावजूद हमें वाटर माफिया बोला जाता है. हमारे ऊपर पुलिस पानी चोरी की धाराएं लगा रही है. वाटर टैंकर एसोसिएशन ने सरकार को चेतावनी दी है कि जब तक सरकार यह कानून वापस नहीं लेगी और लिखित तौर से हमें कोई आश्वासन नहीं देगी तब तक मुंबई की सड़कों पर वाटर टैंकर खड़े रहेंगे.फिलहाल मुंबई में वाटर टैंकर बंद होने की वजह से सरकार अब वाटर टैंकर एसोसिएशन से बात कर रही है और इसके समस्या का हल निकालने की कोशिश कर रही है. मुंबई वाटर टैंकर एसोसिएशन के लोग मंगलवार को राज्य के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा से भी मुलाकात करेंगे।


