घटना की जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराने के लिए नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
अजीत पवार ने की मृतकों के परिजनों को 20 लाख व बीमारों को 5 लाख का मुआवजा देने मांग
मुंबई : विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष अजीत पवार खारघर में ‘महाराष्ट्र भूषण’ पुरस्कार वितरण समारोह में भीषण गर्मी से 13 लोगों की मौत मामले की जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश से करवाने और इरादतन हत्या का मामला दर्ज करवाने की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखा है। इस पत्र में अजीत पवार ने मृतकों के परिजनों को 20 लाख और मुफ्त इलाज के साथ बीमार लोगों को 5 लाख रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की है । उन्होंने अपने पत्र में खारघर हादसे को प्राकृतिक नहीं बल्कि मानव निर्मित बताया।
नेता प्रतिपक्ष अजीत पवार ने मुख्यमंत्री शिंदे को लिखे पत्र में कहा है कि वरिष्ठ कलाकार पद्मश्री डॉ. अप्पासाहेब धर्माधिकारी को ‘महाराष्ट्र भूषण’ पुरस्कार से सम्मानित करने का समारोह 16 अप्रैल को खारघर (नवी मुंबई) में आयोजित किया गया था। इस समारोह में राज्यभर से करीब 20 लाख अनुयायी शामिल हुए। समारोह के दौरान भीषण गर्मी के चलते कई अनुयायियों को हीट स्ट्रोक का सामना करना पड़ा। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 13 निर्दोष अनुयायियों की जान चली गई। उन्होंने लिखा कि, ‘घटना वाले दिन मैं खुद नवी मुंबई में एमजीएम अस्पताल में बीमार लोगों से मिलने गया था। हादसे में मृतक के परिजनों की चीख-पुकार मन को सुन्न कर देने वाली थी।’
अजीत पवार ने अपने पत्र में लिखा है कि प्रदेश में पिछले कुछ दिन से तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है। डॉ. अप्पासाहेब धर्माधिकारी के सम्मान समारोह में लाखों अनुयायी शामिल होने की संभावना थी। इसका आयोजन दोपहर में खुले मैदान में आयोजन लोगों की जान से खिलवाड़ करने के लिए किया गया । उन्हाेंने कहा कि इन मौतों के लिए पूरी तरह से सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने अपने पत्र में खारघर हादसे को प्राकृतिक नहीं बल्कि मानव निर्मित बताते हुए मामले की जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश से करवाने और मृतकों के परिजनों को 20 लाख और बीमारों को 5 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की है।


