
मुंबई : (Mumbai) उच्च तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत दादा पाटिल (Chandrakant ‘Dada’ Patil) ने शुक्रवार को विधान सभा में बताया कि सूबे में अनाथ छात्रों को छात्रवृत्ति मिलने हो रही दिक्कतें जल्द दूर की जाएंगी।
मंत्री चंद्रकांत (Minister Chandrakant) आज विधान सभा में भाजपा विधायक योगेश सागर, अतुल भातखलकर (BJP MLAs Yogesh Sagar and Atul Bhatkhalkar) की ओर से उपस्थित सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्हाेंने कहा कि राज्य में हायर एजूकेशन ले रहे अनाथ छात्रों को राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज एजूकेशन फीस स्कॉलरशिप स्कीम का फायदा मिलने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए ज़रूरी कदम उठाए जाएंगे। साथ ही राज्य सरकार ने अनाथ स्टूडेंट्स के लिए एजुकेशन और नौकरियों में 01 परसेंट पैरेलल रिजर्वेशन (parallel reservation) लागू किया है और इसे लागू करने का काम चल रहा है।
इस रिजर्वेशन की वजह से कई अनाथ स्टूडेंट्स को हायर एजुकेशन और सरकारी सर्विस (higher education and government services) में मौके मिल रहे हैं। कॉलेजों में 50 परसेंट फीस माफी या लड़कियों के लिए 100 परसेंट फीस माफी के बावजूद एडमिशन के समय फीस देने के लिए मजबूर करने की शिकायतें मिलने पर संबंधित एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। इसके लिए हर कॉलेज में स्कॉलरशिप प्रोसेस को मॉनिटर करने के लिए एक नोडल ऑफिसर अपॉइंट करने का फैसला लिया है।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने बताया कि सीईटी एडमिशन प्रोसेस के दौरान स्टूडेंट्स द्वारा जमा किए गए डॉक्यूमेंट्स स्कॉलरशिप एप्लीकेशन के लिए एक्सेप्ट किए जाएंगे, इसलिए स्टूडेंट्स को दोबारा डॉक्यूमेंट्स जमा करने की ज़रूरत नहीं होगी। साथ ही, चूंकि अभी स्कॉलरशिप पोर्टल पर ‘आरफान’ (Orphans) के लिए कोई अलग ऑप्शन नहीं है, इसलिए मुश्किलों को दूर करने के लिए इसे महाडीबीटी पोर्टल (‘MahaDBT’ portal) में शामिल करने के लिए एक्शन लिया जाएगा। अगर हो सके तो अनाथ छात्रों के आवेदन पर तीन हफ़्ते के अंदर फैसला करने के निर्देश दिए गए हैं और राज्य में करीब 40 गाइडेंस सेंटर शुरू करने का भी प्लान है ताकि स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप और अलग-अलग स्कीम्स पर गाइडेंस मिल सके।


