
मुंबई : (Mumbai) मुंबई में फेरीवालों (Mumbai hawker) के मुद्दे पर दायर मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी है और जल्द ही उच्च न्यायालय का फैसला आने की संभावना है। उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत (Industry Minister Dr. Uday Samant) ने विधानसभा को बताया कि जब तक न्यायालय का निर्णय नहीं आ जाता, तब तक महानगरपालिका को वर्ष 2014 की पात्र सूची के आधार पर योग्य फेरीवालों को अस्थायी स्थान (पिच) उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाएंगे।
2014 के सर्वेक्षण को बनाया जाएगा आधार
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 में मुंबई महानगरपालिका (Mumbai Municipal Corporation) क्षेत्र में फेरीवालों का सर्वेक्षण किया गया था। उस समय 1,28,443 आवेदन पत्र वितरित किए गए थे, जिनमें से 99,435 आवेदन महानगरपालिका को प्राप्त हुए थे। इसी सर्वेक्षण के आधार पर पात्र फेरीवालों को अस्थायी रूप से स्थान देने की व्यवस्था की जाएगी।
स्थायी फेरीवाला क्षेत्र बनने तक नहीं होगी कार्रवाई
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Deputy Chief Minister Eknath Shinde) की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जब तक स्थायी फेरीवाला क्षेत्र तय नहीं हो जाते, तब तक बिना कारण किसी फेरीवाले को नहीं हटाया जाएगा। यदि आवश्यक हो तो उनके पुनर्वास की भी व्यवस्था की जाएगी। साथ ही फेरीवालों के सर्वेक्षण को पांच वर्ष पूरे होने के बाद नया सर्वेक्षण करने और स्थानों का सत्यापन करने का सुझाव भी दिया गया है।
दादर क्षेत्र की यातायात समस्या पर भी निर्देश
विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर (Assembly Speaker Rahul Narvekar) ने कहा कि वर्ष 2014 की पात्र सूची अंतिम मानी जाएगी और योग्य फेरीवालों को अस्थायी स्थान दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जब स्थायी स्थान उपलब्ध कराए जाएंगे, तब अस्थायी स्थान हटाए जा सकते हैं। दादर क्षेत्र में सुबह सब्ज़ी लाने वाले ट्रकों से होने वाली यातायात समस्या को देखते हुए पुलिस और महानगरपालिका को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए हैं।


