spot_img

Mumbai : वंदे मातरम का विरोध करना है तो अबु आजमी पाकिस्तान चले जाएं : भाजपा

मुंबई : (Mumbai) भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) (BJP) के प्रदेश प्रवक्ता नवनाथ बन ने गुरुवार को मुंबई में कहा कि अगर समाजवादी पार्टी के विधायक अबु आसिम आजमी (Samajwadi Party MLA Abu Asim Azmi) को वंदे मातरम का विरोध करना है तो आज़मी को पाकिस्तान चले जाना चाहिए।

नवनाथ बन ने आज पत्रकारों को बताया कि स्कूल में ‘वंदे मातरम’ (Vande Mataram) शुरू होने पर अबू आज़मी के गुस्से का कारण क्या है? ‘वंदे मातरम’ किसी पार्टी का नहीं, बल्कि देश और देशभक्ति का नारा है। ‘वंदे मातरम’ का अर्थ है उस धरती को नमन करना जहाँ हम भारत में रहते हैं। अगर आपको भारत में रहना है, तो आपको ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ कहना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर आज़मी को ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ से एलर्जी है, तो उन्हें खुशी-खुशी पाकिस्तान चले जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसानों के आशीर्वाद से सत्ता में आई महायुति सरकार (Mahayuti government) हमेशा किसानों के पक्ष में है। भारी बारिश से नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए 32 हजार करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। मुख्यमंत्री फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने 11,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता देने का फैसला किया है। बच्चू कडू के विरोध प्रदर्शन को एक दिन के लिए अनुमति दी गई थी। अनुमति देते समय उन्होंने अदालत में यह भी लिखकर दिया था कि वे विरोध प्रदर्शन के दौरान आम नागरिकों को परेशान नहीं करेंगे। हालाँकि, सभी ने देखा कि वास्तव में किस तरह का विरोध प्रदर्शन हुआ। महायुति सरकार के दरवाजे प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए खुले हैं और जब उन्हें बातचीत के लिए बुलाया गया, तो बच्चू कडू नहीं आए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री फडणवीस (Chief Minister Fadnavis) आज की चर्चा में बच्चू कडू सहित किसान नेता ज़रूर शामिल होंगे और सकारात्मक हल निकलेगा।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की ओर से सभी स्कूलों में वंदे मातरम गाने को अनिवार्य कर दिया है। राज्य सरकार के इस आदेश का विरोध करते हुए अबु आसिम आजमी ने कहा है कि वंदे मातरम अनिवार्य नहीं किया जाना चाहिए। मुसलिम समाज के लोगों यह जबरन थोपने जैसा ही है, उनके बच्चे वंदे मातरम गीत नहीं गा सकते। लेकिन इसका मतलब मुसलिम समाज के लोग देशभक्त नहीं है, ऐसा नहीं कहा जा सकता है।

Explore our articles