
मुंबई (Mumbai) : महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में सामने आए रिश्वत कांड को लेकर मंत्री नरहरी झिरवल (Minister Narhari Jhirwal) ने किसी भी तरह की साजिश की आशंका को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उनके विभाग में जो कुछ भी हुआ, वह बेहद गलत और शर्मनाक है, लेकिन इसमें उनकी कोई व्यक्तिगत भूमिका नहीं है। उन्होंने तुरंत जांच के आदेश दिए हैं और स्वतंत्र जांच कर गोपनीय रिपोर्ट (confidential report) प्रस्तुत करने को कहा है।
क्या है मामला?
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti-Corruption Bureau) (एसीबी) ने मंत्री झिरवल के कार्यालय के लिपिक राजेंद्र ढेरंगे को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। इस घटना के बाद विपक्ष ने मंत्री पर सवाल उठाए, लेकिन झिरवल ने साफ किया कि उन्हें किसी पर शक नहीं है और पार्टी में उनका कोई दुश्मन नहीं है, इसलिए उन्हें फंसाने का सवाल ही नहीं उठता।
मंत्री पद पर फैसला मुख्यमंत्री करेंगे
मंत्री नरहरी झिरवल (Minister Narhari Jhirwal) ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें इस मामले की पूर्व जानकारी नहीं थी। अपने मंत्री पद को लेकर उन्होंने कहा कि किसी को मंत्री बनाना या हटाना मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) का अधिकार है। उन्होंने बताया कि अभी तक उनसे इस बारे में बातचीत नहीं हुई है, लेकिन जल्द मुलाकात होगी।
पार्टी में नाराजगी और कड़ी चेतावनी
मंगलवार को पार्टी की बैठक में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार (Deputy Chief Minister Sunetra Pawar) ने इस मामले पर नाराजगी जताई और कहा कि ऐसे मामलों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके बाद सांसद सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल, मंत्री हसन मुश्रीफ और पार्थ पवार ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की।
जांच और रिपोर्ट की प्रक्रिया
बैठक के बाद सुनील तटकरे (Sunil Tatkare) ने मीडिया से कहा कि मंत्री कार्यालय में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की निष्पक्ष जांच कर पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।
मंत्री की सफाई और भरोसा
मंत्री झिरवल (Minister Jhirwal) ने जनता और मीडिया से अपील की कि इस मामले में उन्हें व्यक्तिगत तौर पर दोषी ठहराया न जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विभाग में हुई गड़बड़ी की पूरी तरह जांच की जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।


