
मुंबई : सेंट्रल रेल ने अपने ग्राहकों और यात्रियों के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और विभिन्न उपायों को क्रियान्वित करने के लिए कई पहल की हैं, चाहे वह यात्री सुविधाएं हों या नई लाइन, विद्युतीकरण या दोहरीकरण हो। अप्रैल-अक्टूबर 2022 के दौरान अब तक सेंट्रल रेल ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ 158 किलोमीटर दोहरीकरण मल्टीट्रैकिंग का रिकॉर्ड बनाया है,जो कि पहले किसी भी वर्ष में नहीं बनाया गया, 158 किलोमीटर में नरखेड-कलम्भा, जलगाँव-सिरसोली, सिरसोली-माहेजी, माहेजी-पचोरा तीसरी लाइन, भिगवान-वाशिम्बे, अंकाई किला-मनमाड, राजेवाड़ी-जेजुरी-दौन्डज, काश्ती-बेलवंडी, वल्हा-नीरा, वर्धा-चितौड़ा दूसरी काॅर्ड लाइन शामिल है।
रेल नेटवर्क को भविष्य के लिए तैयार करने का लक्ष्य रखा
सेंट्रल रेल के महाप्रबंधक अनिल कुमार लाहोटी ने कहा कि क्षमता वृद्धि से सेंट्रल रेल को यातायात की भीड़ को दूर करने और सुचारू ट्रेन परिचालन में मदद मिलेगी। सुरक्षा, यात्री सुविधाओं पर ध्यान देने के साथ हमने रेल बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने और रेल नेटवर्क को भविष्य के लिए तैयार करने का लक्ष्य रखा है। सेंट्रल रेल ने वर्ष 2021-22 में कुल 177.11 किमी का अब तक का सबसे अधिक बुनियादी ढांचा विकास पूरा किया, जिसमें नई लाइन (31 किमी), दोहरीकरण (74.79 किमी), तीसरी/चौथी लाइन (53.32 किमी) और 5वीं/छठी लाइनें (18 किमी यानी 9 किमी की प्रत्येक लाइन) और 339 आरकेएम (रूट किमी) का विद्युतीकरण शामिल है।


