मुंबई : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि मराठा आरक्षण के लिए राज्य सरकार मजबूती के साथ कानूनी लड़ाई लड़ेगी। सरकार सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन (उपचारात्मक याचिका) दाखिल करेगी और जो कमी रह गई है उसे पूरा करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मराठा समाज के लिए पहले से शुरू की गई सुविधाओं को पूर्ववत जारी रखेगी।
मुख्यमंत्री शिंदे ने शुक्रवार को सह्याद्रि गेस्ट हाउस में पत्रकारों से कहा कि गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की ओर से दाखिल पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया। इसके बाद आज कैबिनेट की उपसमिति की बैठक हुई। इसमें सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल करने का निर्णय लिया है। शिंदे ने कहा कि मराठा आरक्षण के दरवाजे बिल्कुल भी बंद नहीं हुए हैं। हम मराठा समाज के आरक्षण के लिए एक मजबूत कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। इसके लिए एक उपचारात्मक याचिका दाखिल करने का निर्णय लिया गया। इस बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मराठा समाज के पिछड़ेपन को साबित करने के लिए एक नया आयोग गठित किया जाना चाहिए और एक व्यापक एवं वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री शिंदे की उपस्थिति में सह्याद्री गेस्ट हाउस में मराठा आरक्षण को लेकर कैबिनेट की उपसमिति की बैठक हुई। इस बैठक में उपसमिति के अध्यक्ष और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकात पाटिल, बंदरगाह मंत्री दादा भुसे, आबकारी मंत्री शंभूराज देसाई, उद्योग मंत्री उदय सामंत, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रवींद्र चव्हाण सहित विधायक प्रवीण दरेकर, पूर्व न्यायाधीश एमजी गायकवाड़, महाधिवक्ता बीरेंद्र सराफ, वकील विजय थोरात, अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक पिछड़ा विकास निगम के अध्यक्ष नरेंद्र पाटिल आदि उपस्थित थे।


