
रोहा से खारबाव तक परखीं सुविधाएं, तकनीकी बारीकियों की हुई जांच
मुंबई : (Mumbai) मध्य रेल के महाप्रबंधक प्रतीक गोस्वामी (Prateek Goswami, General Manager of Central Railway) ने बुधवार को मुंबई मंडल के रोहा-खारबाव खंड (Roha-Kharbav section) का सघन संरक्षा निरीक्षण किया। इस हाई-प्रोफाइल दौरे का मुख्य उद्देश्य रेल परिचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करना और यात्री सुविधाओं के साथ-साथ चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता की जांच करना था। निरीक्षण की शुरुआत रोहा स्टेशन से हुई, जहाँ महाप्रबंधक ने इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और डिस्प्ले सिस्टम की बारीकी से जांच की। उन्होंने न केवल रनिंग रूम की सुविधाओं को देखा, बल्कि पैसेंजर्स एसोसिएशन के सदस्यों से सीधे बात कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। निडी-नागोठने के बीच सुरंग संख्या 1 और खतरनाक मोड़ों का भी तकनीकी मुआयना किया गया।
पुलों और ट्रैक की मजबूती की जांच
जिते-आपटा खंड के बीच पाताल गंगा नदी पर (Bridge No. 85/2, situated over the Patalganga River) बने पुल संख्या 85/2 और स्विच एक्सटेंशन जॉइंट का निरीक्षण किया गया। आपटा में महाप्रबंधक गोस्वामी ने रेलवे कॉलोनी और गैंग (ट्रैक मेंटेनेंस टीम) के काम को देखा। रसायनी खंड में समपार और पुलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
पनवेल में AI कैमरों और एक्सीडेंट रिलीफ मेडिकल वैन का निरीक्षण
पनवेल में महाप्रबंधक ने AI-आधारित कैमरों और स्व-चालित दुर्घटना राहत चिकित्सा यान (SPARMV) का निरीक्षण किया, जो आपात स्थिति में जीवन बचाने के काम आता है। उन्होंने यहाँ कर्मचारियों के लिए नवनिर्मित RPF चौकी का लोकार्पण भी किया। स्टेशन के स्टालों की स्वच्छता और क्रू लॉबी की सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। निरीक्षण का एक रोमांचक हिस्सा तालोजा और निलजे खंड के बीच हुआ, जहाँ 120 किमी प्रति घंटे की गति से ट्रेन चलाकर ट्रैक की स्थिरता और सुरक्षा का ‘स्पीड टेस्ट’ लिया गया। खारबाव में उन्होंने ‘डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर’ (Dedicated Freight Corridor) (DFCCIL) के साथ रेल कनेक्टिविटी की प्रगति की समीक्षा की।
पूरे दौरे के दौरान मंडल रेल प्रबंधक हिरेश मीणा (Divisional Railway Manager Hiresh Meena) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उनके साथ रहे।


