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Mumbai : दिव्यांग यात्रियों को मेट्रो यात्रा में पूर्ण छूट देने की मांग

पत्रकार दीपक कैतके की मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से अपील
मुंबई : (Mumbai)
राज्य में एसटी महामंडल (Under the State Transport Corporation) के तहत महिला यात्रियों को बस किराए में 50 प्रतिशत की छूट दी गई है, जबकि शेष 50 प्रतिशत राशि सरकार द्वारा महामंडल को अनुदान के रूप में दी जाती है। इसी तर्ज पर दिव्यांग यात्रियों को भी मेट्रो यात्रा में पूर्ण छूट दी जानी चाहिए, ऐसी मांग वरिष्ठ पत्रकार और ‘पत्रकार रुग्णमित्र’ के रूप में प्रसिद्ध दीपक कैतके ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Chief Minister Devendra Fadnavis, Deputy Chief Minister Eknath Shinde, Deputy Chief Minister Ajit Pawar) तथा मुंबई मेट्रो प्रशासन से की है। उन्होंने कहा कि यह कदम सामाजिक समानता और मानवीय संवेदना के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

कैतके ने अपने निवेदन में उल्लेख किया है कि मुंबई मेट्रो के कई स्टेशनों और ट्रेनों में अभी दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं पूरी तरह से उपलब्ध नहीं हैं। कई बार दिव्यांग यात्रियों को यात्रा के दौरान किसी सहायक व्यक्ति की मदद लेनी पड़ती है। इससे उनके लिए यात्रा न केवल कठिन बल्कि महंगी भी हो जाती है। इस अतिरिक्त परेशानी को देखते हुए सरकार को दिव्यांग यात्रियों (disabled passengers) को मेट्रो यात्रा में पूर्ण छूट देने का निर्णय लेना चाहिए। उनका कहना है कि यह कदम केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि सामाजिक समावेशन और मानवता का प्रतीक होगा।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जिस प्रकार महिला यात्रियों को दी जाने वाली रियायत के लिए सरकार एसटी महामंडल को वित्तीय सहायता प्रदान करती है, उसी प्रकार मेट्रो प्रशासन को भी दिव्यांग यात्रियों की यात्रा लागत का सरकारी प्रतिपूर्ति के रूप में भुगतान किया जा सकता है। इससे न तो मेट्रो निगम (Metro administration) पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और न ही दिव्यांगों को यात्रा में कठिनाई होगी। कैतके का मानना है कि यह पहल दिव्यांगों के सम्मानजनक जीवन और स्वतंत्र आवागमन के अधिकार को और सशक्त बनाएगी।

गौरतलब है कि दीपक कैतके (Deepak Kaitke) लंबे समय से दिव्यांग व्यक्तियों के हित में आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने पहले भी विभिन्न सरकारी स्तरों पर दिव्यांगों के लिए स्वास्थ्य, परिवहन और सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार की मांग की है। अब उनके इस नए प्रस्ताव को सामाजिक संगठनों और नागरिक वर्गों से व्यापक समर्थन मिल रहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि सरकार को इस विषय पर तुरंत सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए ताकि दिव्यांग यात्रियों को यात्रा में राहत मिल सके और उन्हें समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जोड़ा जा सके।

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