spot_img

Mumbai : सोशल मीडिया पर बदनाम करना पड़ेगा महंगा

Mumbai: Defaming people on social media will be costly

डीजीपी की अध्यक्षता में बनेगी विशेष समिति
सीएम फडणवीस का ऐलान
मुंबई : (Mumbai)
महाराष्ट्र में सोशल मीडिया के जरिए किसी की छवि खराब करने और साइबर ठगी के बढ़ते मामलों (cases of cyber fraud) पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने ‘एक्शन मोड’ में आने का फैसला किया है। विधानसभा में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) ने इस डिजिटल खतरे से निपटने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पुलिस महानिदेशक (Director General of Police) (DGP) की अध्यक्षता में एक विशेष समिति बनाई जाएगी। यह समिति इस बात का गहराई से अध्ययन करेगी कि सोशल मीडिया पर लोग कैसे दूसरों की बदनामी करते हैं और फर्जी जानकारी फैलाते हैं। समिति मौजूदा कानूनों की समीक्षा करेगी और सरकार को सुझाव देगी कि इन मामलों में और अधिक प्रभावी और सख्त कार्रवाई कैसे की जा सकती है।

‘अभिव्यक्ति की आजादी’ और ‘दुरुपयोग’ के बीच संतुलन
सरकार का उद्देश्य सोशल मीडिया की स्वतंत्रता को खत्म करना नहीं, बल्कि उसके दुरुपयोग को रोकना है। विधानसभा में विधायकों ने चिंता जताई कि बिना सबूत के किसी के खिलाफ अभियान चलाना एक फैशन बन गया है। यह समिति एक ऐसा नियम बनाएगी जिससे डिजिटल प्लेटफॉर्म (digital platforms) पर लोग जिम्मेदारी से व्यवहार करें और किसी की निजी प्रतिष्ठा को ठेस न पहुँचे।

नई तकनीक से ‘स्मार्ट’ होती ठगी
गृह राज्य मंत्री योगेश कदम (Minister of State for Home Yogesh Kadam) ने सदन को बताया कि अब अपराधी एडिट किए गए वीडियो, फर्जी अकाउंट और डिजिटल ठगी के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। इन ‘हाई-टेक’ अपराधियों को पकड़ने के लिए महाराष्ट्र की साइबर सेल को भी आधुनिक तकनीक और हथियारों (software) से अपडेट किया जा रहा है।

जागरूकता के लिए ‘स्पेशल मोबाइल ऐप’
केवल कानून बनाने से काम नहीं चलेगा, इसलिए सरकार ने एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया है। इस ऐप के जरिए हर महीने राज्य के करोड़ों नागरिकों को सुरक्षा संदेश भेजे जाएंगे। इसका मकसद लोगों को यह सिखाना है कि वे ऑनलाइन ठगी, फर्जी खबरों और किसी भी तरह की डिजिटल बदनामी से खुद को कैसे सुरक्षित रखें।

Explore our articles