spot_img

Mumbai : बाबा सिद्दीकी हत्याकांड मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुलिस को हलफनामा दाखिल करने का दिया निर्देश

मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र के दिवंगत कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक बाबा सिद्दीकी हत्याकांड (Maharashtra Congress leader and former MLA Baba Siddiqui murder case) मामले में मंगलवार को मुंबई उच्च न्यायालय (Bombay High Court) के जस्टिस अजय गडकरी और आरआर भोंसले की खंडपीठ ने जाँच अधिकारी (आईओ) और संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 11 दिसंबर को तय किया है।

मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस अजय गडकरी और न्यायमूर्ति आरआर भोंसले (Justices Ajay Gadkari and R.R. Bhonsale) की खंडपीठ ने पुलिस के मौखिक आश्वासन को खारिज करते हुए अदालत ने कहा, “हमें केस डायरी दिखाइए। आप कहते हैं कि जीशान का बयान दर्ज किया गया है। वह कहता है कि यह अभी तक दर्ज नहीं किया गया है। केस डायरी के साथ इसकी पुष्टि कीजिए।” जब राज्य की ओर से पेश विशेष लोक अभियोजक महेश मुले (Special Public Prosecutor Mahesh Mule) ने दलील दी कि पुलिस जीशान के साथ “कई बार” संपर्क में थी और उसके पास व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड भी हैं, तो पीठ ने टिप्पणी की, “वह संपर्क में है या नहीं, हमें इससे कोई सरोकार नहीं है। हमें कानूनी रूप से स्वीकार्य सबूत दिखाएँ। यह एक अपराध जाँच है।” उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने जांच अधिकारी किशोर कुमार शिंदे और संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध को एक जवाबी हलफनामा दाखिल करने और याचिकाकर्ता को उसकी प्रतियां पहले ही उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

उल्लेखनीय है कि 66 वर्षीय बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर, 2024 की रात को बांद्रा पूर्व स्थित उनके बेटे जीशान के कार्यालय के बाहर तीन हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले की सही तरीके से जांच न किए जाने का आरोप लगाते हुए बाबा सिद्दीकी की विधवा पत्नी शाहजीन ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है। याचिकाकर्ता ने अपने पति की हत्या की जाँच सही तरीके से न किए जाने और जांच एक “स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी” को सौंपने की माँग की है।

शहज़ीन के वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप घरात और अधिवक्ता त्रिवणकुमार करनानी (Shahzeen’s lawyers, senior advocate Pradeep Gharat and advocate Trivankumar Karnani) ने आज न्यायालय को बताया कि बार-बार अनुरोध के बावजूद याचिकाकर्ता के बेटे जीशान का बयान पुलिस ने अभी तक दर्ज नहीं किया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि स्पष्ट मकसद का खुलासा होने के बावजूद, पुलिस ने जीशान द्वारा नामित व्यक्तियों से पूछताछ नहीं की है।

Explore our articles