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Mumbai : लोंढे को आरोप झूठे, बिजली दरें बढाने का प्रस्ताव नहीः भाजपा

Mumbai: BJP calls Londhe's allegations false, no proposal to increase electricity rates

मुंबई : (Mumbai) भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विश्वास पाठक (BJP state spokesperson Vishwas Pathak) ने कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अतुल लोंढे को उन आरोपों को बेबुनियाद और झूठा करार दिया है, जिसमें उन्होंने राज्य में बिजली की दरें 16 प्रतिशत बढ़ने की बात कही है।।

पाठक ने जवाबी हमला बोला है कि लोंढे ने बिजली की दरों को लेकर मुख्यमंत्री फडणवीस (Chief Minister Fadnavis) की आलोचना की है। महावितरण ने बिजली की दरें बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं दिया है। फडणवीस के नेतृत्व में भाजपा को मनपा और जिला परिषदों में मिली ज़बरदस्त सफलता और कांग्रेस की नाकामी से लोंढे निराशा में आ गए हैं। इसलिए वे आधारहीन आलोचना कर रहे हैं। लोंढे ने जो मुद्दे उठाए हैं वे पूरी तरह से गलत और झूठे हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने राज्य में बिजली के रेट कम करने का वादा किया था और उसी के तहत महाराष्ट्र इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने बिजली के रेट कम करने का प्रपोज़ल दिया है। उनका दावा है कि कंपनी ने महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग को बिजली के रेट में 20 से 40 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रपोज़ल दिया है। यह पूरी तरह बकवास है। राज्य में बिजली के रेट में 16 प्रतिशत बढ़ोतरी का सवाल ही नहीं उठता।

पाठक के अनुसार लोंढे ने दावा किया है कि बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने महाराष्ट्र इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (Maharashtra Electricity Distribution Company) को फटकार लगाई है और उसे दोबारा जन सुनवाई करके गड़बड़ी ठीक करने का आदेश दिया है। लोंढे जैसे पढ़े-लिखे नेता को यह नहीं पता कि कोर्ट ने आयोग को ऑर्डर दिया है, क्योंकि बिजली के रेट तय करने का अधिकार केवल आयोग के पास है। उनकी मांग है कि राज्य सरकार इस मामले में दखल दे और दोबारा जन सुनवाई करे। आयोग जो एक ऑटोनॉमस सेमी-ज्यूडिशियल बॉडी है, उसे बिजली के रेट तय करने का अधिकार है।

राज्य सरकार आयोग (state government) के काम में दखल नहीं दे सकती। लोंढे को यह नहीं पता कि कोर्ट के आदेश के अनुसार राज्य में फिर से जन सुनवाई हो रही है। पाठक ने कहा कि लोंढे का वह दावा भी झूठा है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि बिजली रेट के कारण राज्य से इंडस्ट्रीज़ अन्य राज्यों में जाने का विचार कर रही हैं। महायुति सरकार विदर्भ, मराठवाड़ा और पिछड़े इलाकों में इंडस्ट्रीज़ को बिजली के रेट में छूट दे रही है। देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में राज्य में करोड़ों रुपये के निवेश आने शुरू हो गए हैं।

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