मुंबई : (Mumbai)गायमुख में अपशिष्ट ( गीले कचरे) से खाद बनाने की परियोजना ठाणे शहर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस परियोजना को वहां की दो परियोजनाओं को मिलाकर एक बड़े क्षेत्र में क्रियान्वित किया जाना चाहिए। तीन एकड़ क्षेत्र में लगभग 300 से 400 टन गीले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान कर खाद का उत्पादन किया जाएगा। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आज विश्वास व्यक्त किया कि यह राज्य में अपनी तरह की एक सबसे बड़ी परियोजना होगी।
टीएमसी जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान इन चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए बड़ी धनराशि उपलब्ध कराई थी। अब उसका काम शुरू हो गया है। खाद उत्पादन परियोजना, नगला बंदर खाड़ी तट का सौंदर्यीकरण, बोरिवडे मैदान का विकास, आनंद नगर में आरक्षित भूखंड पर उद्यान के कार्यों का निरीक्षण किया गया। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि इस संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश और हिदायतें दे दी गई हैं।मनपा आयुक्त सौरभ राव ने स्पष्ट किया कि परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक द्वारा दिए गए निर्देशानुसार गायमुख में मनपा के कब्जे में उपलब्ध अधिकतम भूमि का उपयोग कर 300 से 400 टन गीले कचरे से खाद उत्पादन की संयुक्त परियोजना क्रियान्वित की जाएगी। राज्य सरकार की मूलभूत सुविधा विकास योजना के अंतर्गत ठाणे नगर निगम को कुल 150 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए गए हैं। इसमें गायमुख में 97 टन और नागला पोर्ट में 50 टन की कुल क्षमता वाली उर्वरक परियोजना, साथ ही 1.5 टन की क्षमता वाली दो मोबाइल उर्वरक उत्पादन वैन शामिल हैं। यह स्थल राष्ट्रीय उद्यान और तुंगारेश्वर रेंज के बीच स्थित है और परियोजना को वन विभाग से अनुमति मिल चुकी है।


