मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र आवास घोटाला मामले दोषी ठहराए गए पूर्व मंत्री माणिकराव कोकाटे (former minister Manikrao Kokate) को शुक्रवार को बंबई उच्च न्यायालय (Bombay High Court) ने एक लाख रुपये के निजी जात मुचलके पर जमानत देने का फैसला सुनाया है। इससे कोकाटे की इस मामले में गिरफ्तारी टल गई है।
हालांकि उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के दो साल की सजा और दस हजार रुपये के फैसले को बरकरार रखा है। इससे महाराष्ट्र विधान भवन (Maharashtra Legislative Assembly) ने कोकाटे का विधायक पद रद्द करने की प्रक्रिया शुरु कर दी है। इस मामले में बंबई उच्च न्यायालय के फैसले की जानकारी देते हुए एडवोकेट श्रद्धा दूबे ने बताया कि अदालत ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है। लेकिन माणिक राव कोकाटे को एक लाख रुपये के निजी जात मुचलके पर जमानत दिए जाने का फैसला सुनाया है। माणिकराव कोकाटे का इलाज मुंबई के लीलावती अस्पताल (treatment at Lilavati Hospital in Mumbai) में हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को नासिक जिला सत्र न्यायालय ने आवास घोटाला मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) गुट के मंत्री माणिकराव कोकाटे को दोषी ठहराते हुए दो साल की सज़ा और 10,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। उसके बाद अगले दिन बुधवार को अदालत ने उनकी गिरफ्तारी का वारंट भी जारी कर दिया था। अदालत से अरेस्ट वारंट जारी होने के बाद पुलिस माणिकराव कोकाटे को अरेस्ट करने के लिए नासिक से मुंबई आई थी।
हालांकि, माणिकराव कोकाटे को पहले ही खराब सेहत की वजह से लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। माणिकराव ने सज़ा से राहत के लिए बंबई उच्च न्यायालय का भी दरवाज़ा खटखटाया था। माणिकराव की ओर से दाखिल की याचिका पर आज बंबई उच्च न्यायालय में न्यायाधीश आरएम लड्ढा (Justice R.M. Laddha) की एकल खंडपीठ के समक्ष सुनवाई हुई। न्यायालय ने दोनों तरफ से ज़ोरदार दलीलें सुनने के बाद माणिकराव कोकाटे को 1 लाख रुपये के निजी जात मुचलके पर जमानत दे दी है। हालांकि निचले न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा है। इसलिए, माणिकराव कोकाटे के विधायक पद से जाने की संभावना बरकरार है।


