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Mumbai : अनिल देशमुख के आरोप कपोल कल्पित : देवेंद्र फडणवीस

मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Maharashtra Deputy Chief Minister Devendra Fadnavis) ने रविवार को कहा कि राज्य के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख की ओर से उन पर लगाए गए आरोप कपोल कल्पित और निराधार हैं। फडणवीस ने कहा कि अनिल देशमुख (Home Minister Anil Deshmukh) पर मामला दर्ज किए जाने और उन पर वसूली का आरोप लगाने में उनका दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है।

अनिल देशमुख रविवार को पत्रकाराें से कहा था कि देवेंद्र फडणवीस के कहने पर ही पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह और निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाझे ने वसूली का आरोप लगाया था। इस मामले की छानबीन चांदीवाल आयोग ने की थी, आयोग ने उन्हें क्लीन चिट दिया था। इस तरह खबरें मीडिया में प्रकाशित की गई थीं, लेकिन देवेंद्र फडणवीस ने चांदीवाल की 1400 पन्नों की रिपोर्ट दबाकर रखा है।

फडणवीस ने कहा कि अनिल देशमुख की जांच का आदेश हाई कोर्ट ने सीबीआई को दिया था। उसी आधार पर जांच की गई थी। परमबीर सिंह को महाविकास आघाड़ी सरकार ने मुंबई पुलिस आयुक्त पद पर नियुक्त किया था और सचिन वाझे को भी उसी कार्यकाल के दौरान वापस नौकरी पर लिया गया था। परमबीर सिंह के ही शिकायत पर उनकी जांच की गई थी। अनिल देशमुख को जमानत किस आधार पर दी गई है, उसे देखा जाना चाहिए। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाविकास आघाड़ी ने ही अनिल देशमुख पर लगे आरोपों की जांच के लिए चांदीवाल आयोग नियुक्त किया था। इस आयोग की रिपोर्ट भी महाविकास आघाड़ी के कार्यकाल के दौरान सौप दी गई थी। फिर महाविकास आघाड़ी ने उस रिपोर्ट पर कार्रवाई क्योंनहीं की, इसका जवाब तत्कालीन महाविकास आघाड़ी से ही पूछा जाना चाहिए।

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