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MUMBAI : बतकही का मंच है एमबोरोजिया थियेटर

मुंबई : विश्व रंग मंच के उपलक्ष्य में एमबोरोजिया थियेटर ग्रुप ने रतन थियम व हवीब तनवीर के ऊपर डाक्यूमेंट्री फिल्मों का आयोजन किया। हालांकि ये फिल्में यू-ट्यूब पर उपलब्ध हैं, लेकिन सामूहिक रूप से एक साथ बैठकर फिल्म देखना और फिर उसके ऊपर बतकही करना अपने आप में उम्दा आनंद है। साथ ही एकल अभिनय से सजी छोटी कहानियों का एकल मंचन अभिनय रंगमंच पर श्रीकांत किशोर से बातचीत के साथ हिंदी किताबों का प्रर्दशन लोक रंग और एमबोरोजिया का ढंग बड़ा लाजवाब रहा। इसके अलावा साहित्य कला यानि फाईन आर्ट के साथ संगीत की प्रस्तुति कविता पाठ के साथ कहानी का मंच लिए एमबोरोजिया थियेटर मुंबई जैसे शहर में हिंदी की सांस्कृतिक धुरी बनता दिख रहा है, जिसका श्रेय जाता है निर्देशक विमल वर्मा और मनोज वर्मा को। वैसे सिनेमा के संबंध में एक प्रसिद्ध वाक्य है, कोई भी कला या फिल्म अपने समय में प्रचलित प्रतिबद्धता के अर्थ को पूरा करे या ना करे, पर वह अपने समय का प्रत्युत्तर जरूर होती है।

प्रस्तुति विवेक तिवारी

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