
परीक्षा में गड़बड़ी पर बड़ी कार्रवाई, ‘गुरुजी’ ही करवा रहे थे नकल
मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र में बोर्ड परीक्षाओं (board exams in Maharashtra) की शुचिता बनाए रखने के लिए शिक्षा विभाग (Education Department) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के दौरान छात्रों को नकल में मदद करने और लापरवाही बरतने के आरोप में राज्य भर के 81 शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
बीड जिले में ‘कॉपी’ का खेल हुआ फेल
बीड जिले के चौसाला स्थित आर्ट्स एंड साइंस जूनियर कॉलेज (Arts and Science Junior College) (Center No. 224) में 10 फरवरी को बड़े पैमाने पर नकल का खुलासा हुआ था। यहाँ न केवल नियमों की धज्जियाँ उड़ाई गईं, बल्कि शिक्षक ही छात्रों की मदद कर रहे थे। प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए 17 शिक्षकों को सस्पेंड कर उनके खिलाफ केस दर्ज किया है।
छत्रपति संभाजीनगर में 21 शिक्षकों पर गिरी गाज
कन्नड़ तहसील के जैतापुर स्थित नेशनल हायर सेकेंडरी स्कूल (National Higher Secondary School in Jaitapur, Kannada tehsil) में भी नज़ारा कुछ ऐसा ही था। सेंटर नंबर 0079 पर नकल करवाने के जुर्म में 24 शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ, जिनमें से 21 को निलंबित कर दिया गया है। यहाँ सामूहिक नकल की खबरें सामने आई थीं।
जालना और गढ़चिरौली में भी ‘स्ट्राइक’
जालना के मंथा तहसील (Jalna’s Mantha tehsil) में अंग्रेजी के पेपर के दौरान छात्र नकल करते पकड़े गए। सुपरवाइजर के तौर पर तैनात 5 शिक्षकों को लापरवाही के लिए सस्पेंड कर दिया गया। गढ़चिरौली में राजनीति विज्ञान के पेपर में ‘माइक्रोनोट्स’ और मोबाइल चैट के जरिए हाई-टेक नकल चल रही थी। इस मामले में 4 शिक्षकों को रंगे हाथों पकड़कर निलंबित किया गया है।
कुल 81 शिक्षकों पर गिरी बिजली
शिक्षा मंडल (Education Board) ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल कुछ जिलों तक सीमित नहीं है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी जहाँ-जहाँ से शिकायतें मिलीं, वहाँ जाँच की गई। अब तक कुल 81 शिक्षकों को घर का रास्ता दिखा दिया गया है।


