
मंज़ूरी न मिलने से कोंकण बोर्ड के लिए नई चुनौती
मुंबई : (Mumbai) कोंकण बोर्ड (Konkan Board) द्वारा अक्टूबर 2025 में निकाली गई 5,285 घरों की लॉटरी के परिणामों ने बोर्ड की चिंता बढ़ा दी है। कुल 4,523 घोषित विजेताओं में से लगभग 45 फीसदी यानी 2,000 विजेताओं ने अपने घर सरेंडर (अस्वीकार) कर दिए हैं। यह एक चौंकाने वाला आंकड़ा है, जिससे स्पष्ट होता है कि लॉटरी जीतने के बाद भी बड़ी संख्या में लोग घरों का कब्जा लेने को तैयार नहीं हैं। बोर्ड को 762 घरों के लिए तो लॉटरी से पहले ही कोई आवेदन नहीं मिला था, जिससे खाली पड़े घरों की कुल संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
खाली घरों का संकट और भविष्य की रणनीति
लगातार बढ़ते रिजेक्शन रेट के कारण कोंकण बोर्ड के पास खाली पड़े घरों का स्टॉक अब 14,000 तक पहुँच गया है। जानकारों का मानना है कि घरों की ऊंची कीमतें, अनुपयुक्त लोकेशन और बुनियादी सुविधाओं की कमी इसके मुख्य कारण हैं। बोर्ड के पास वर्तमान में केवल 10% की वेटिंग लिस्ट उपलब्ध है, जिससे सरेंडर किए गए 2,000 घरों को भरना नामुमकिन लग रहा है। यदि वेटिंग लिस्ट के लोग भी घर नहीं लेते हैं, तो बोर्ड को इन फ्लैटों को अगले ड्रॉ में डालना होगा या फिर ‘पहले आओ, पहले पाओ’ (First Come, First Served) जैसी योजनाओं के जरिए बेचने पर मजबूर होना पड़ेगा।


