
मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र के पुणे जहरीली देशी शराब मामले (liquor case in Pune, Maharashtra) में अब तक 9 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और 13 राज्य आबकारी विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों सहित कुल 22 सरकारी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। इस घटना में अब तक 19 लोगों की मौत होने की बात सामने आ रही है। हालांकि प्रशासन ने ८ लोगों के मौत की पुष्टि की है। इस मामले की गहन छानबीन राज्य क्राइम इंवेस्टिगेशन डिपार्टमेंट की टीम कर रही है।
पुणे पुलिस आयुक्तालय के सूत्रों ने शनिवार को बताया कि जिले में जहरीली देशी शराब त्रासदी के मद्देनजर हड़पसर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय मोगले, संबंधित पुलिस पोस्ट की इंचार्ज असिस्टेंट इंस्पेक्टर हसीना शिकलगर (Assistant Inspector Haseena Shikalgar) और क्राइम इन्वेस्टिगेशन टीम के पुलिस सब-इंस्पेक्टर हसन मुलानी (कुल तीन) काे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अशोक ईपर को हड़पसर पुलिस स्टेशन का ऑफिसर-इन-चार्ज बनाया गया है। पिंपरी-चिंचवड़ फुगेवाड़ी जहरीली शराब मामले में पुलिस आयुक्त ने दापोडी पुलिस स्टेशन (Dapodi Police Station) के पुलिस इंस्पेक्टर विजय वाघमारे के साथ-साथ इन्वेस्टिगेशन टीम के इंचार्ज और 4 कर्मचारियों को इस तरह कुल छह पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। जबकि क्राइम ब्रांच के पुलिस इंस्पेक्टर नरेंद्र ठाकरे को पुलिस कंट्रोल रूम में भेज दिया गया है।
इसी तरह पुणे में जहरीली शराब मामले में राज्य आबकारी विभाग ने पुणे विभाग के 13 लोगों को निलंबित कर दिया है। इनमें 3 इंस्पेक्टर, 6 सब-इंस्पेक्टर और 4 कर्मचारी शामिल हैं। पुणे के हड़पसर और पिंपरी चिंचवाड़ के फुगेवाड़ी इलाके में जहरीली शराब पीने से 19 लोगों की मौत हो गई है। राज्य आबकारी विभाग इस मामले में गहन छानबीन कर रहा है और कर्मचारियों को चुस्त दुरुस्त रहने का निर्देश दिया है।
पुणे जहरीली देशी शराब कांड के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) ने इस मामले में कठोर कार्रवाई करने का आदेश पुणे जिला पुलिस अधीक्षक को दिया था। इसी वजह से इन सभी को जिम्मेदार मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है।


