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motivational story : कष्ट-सहिष्णुता

एक व्यक्ति भगवान् महावीर से ईर्ष्या किया करता था। उनकी कठोर तपस्या, त्याग और अहिंसा को निरा ढोंग मान वह उन्हें तंग करता रहता, किन्तु महावीर तनिक भी विचलित न होते। अन्त में हारकर वह उनके पास आकर बोला, “मैंने आपको नाना प्रकार के कष्ट दिए, किन्तु आप सब कुछ सहन करते रहे। यह आपसे कैसे हो पाया?” यह सुनते ही भगवान् की आंखों से आंसू बहने लगे। उस व्यक्ति को यह देखकर और भी आश्चर्य हुआ। उसने पूछा, “भगवन्! आपके नेत्रों में आंसू कैसे?”

“मित्र!” – महावीर बोले, “तुमने मुझे भयंकर कष्ट दिए, इसके लिए ये आंसू नहीं निकले, वरन् मुझे तंग करने के कारण तुम्हें कष्ट झेलने पड़ेंगे, यह सोच मेरी आंखें भर आयीं। मुझे यह देख अतीव दुःख हो रहा है कि मेरे लिए एक अबोध आत्मा को कितनी यातनाएं भोगनी पड़ेंगी।” और यह सुनकर उस व्यक्ति को बड़ा ही पश्चात्ताप हुआ तथ उसने महावीर से क्षमा मांगी।

New Delhi : सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली मजिस्ट्रेट से सीबीआई की चार्जशीट पर विचार करने के बाद आगे बढ़ने को कहा

नई दिल्ली : (New Delhi) उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट के जुडिशियल मजिस्ट्रेट(Judicial Magistrate of Delhi's Rouse Avenue Court) को निर्देश...

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