मॉस्को : (Moscow) रूस ने बुधवार को यूक्रेन संकट के बीच अपनी परमाणु क्षमताओं का परीक्षण करने के लिए बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास शुरू किया। यह अभ्यास राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Vladimir Putin and US President Donald Trump)के बीच प्रस्तावित शिखर सम्मेलन के स्थगित होने के तुरंत बाद शुरू हुआ है।
रूसी रक्षा मंत्रालय (The Russian Defense Ministry) ने यहां बताया कि अभ्यास में बम वर्षक विमान, पनडुब्बियां और मोबाइल लॉन्चर शामिल हैं। इनका उद्देश्य परमाणु हथियारों की तैनाती और इनकी ‘जवाबी प्रतिक्रिया’ प्रणाली की जांच करना है। मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, “यह नियमित अभ्यास है, जो हमारी रक्षा क्षमता को मजबूत रखने के लिए जरूरी है।”
यह अभ्यास बाल्टिक सागर और आर्कटिक क्षेत्र (Baltic Sea and Arctic region) में हो रहा है, जहां 10,000 से ज्यादा रूसी सैनिक इसमें हिस्सा ले रहे हैं। गाैरतलब है कि पुतिन-ट्रंप शिखर सम्मेलन को यूक्रेन पर रूसी हमलों के कारण टाल दिया गया था।
व्हाइट हाउस (The White House) ने मंगलवार को कहा कि बैठक तब तक स्थगित रहेगी जब तक हिंसा नही रूकती । ट्रंप ने भी ‘एक्स’ पर लिखा, “पुतिन के साथ बातचीत शांति के लिए है, लेकिन इससे पहले हमारी सुरक्षा है।” इस बीच रूस ने साफ किया है कि उसके अभ्यास शांतिपूर्ण हैं।
हालांकि उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो )ने (North Atlantic Treaty Organization) इस रूसी अभ्यास पर नजर रखने का ऐलान किया। एक नाटो अधिकारी ने चेतावनी दी, “यह कदम तनाव बढ़ा सकता है। हम सतर्क हैं।”


