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Mirzapur : पौधों से ऐसी यारी, हर रोज लगाने को ठानी

मित्रता दिवस पर विशेष

मीरजापुर : पौधों से ऐसी यारी, हर रोज पौध लगाने को ठानी…। आपको मीरजापुर के शिक्षक अनिल सिंह से रूबरू कराते हैं। इन्हें लोग ग्रीन गुरु कहते हैं। घर-आंगन हो या फिर अन्य स्थान। शादी-विवाह जैसे कार्यक्रम में ये दूल्हा को यादगार स्वरूप पौधे ही भेंट करते हैं। इनका घर देखो तो हर मौसम के पौधे खिलखिलाते दिख जाएंगे जैसे हरियाली नुमा आक्सीजन हब। इन्होंने घर के चारों तरफ पौधे लगा रखा है। यहां तक कि पौधों के लिए घर पर ही नर्सरी बना रखी है।

पर्यावरण पृथ्वी के लिए ऐसी बहुमूल्य चीज है। पेड़-पौधे व नदियों के बगैर हम पृथ्वी पर जिंदगी की कल्पना नहीं कर सकते। हमारे अस्तित्व की यही पहचान है और स्वस्थ्य परिवेश की जरूरत। दुर्भाग्यवश आज पर्यावरण की दुर्दशा से उसका अस्तित्व खतरे में है। इसका अहसास लोगों को कोरोना काल में जरूर हुआ। इस समस्या से निपटने के लिए शिक्षक अनिल सिंह लगातार संघर्षरत हैं। इनका पर्यावरण से गहरा जुड़ाव है। शिक्षक पर्यावरण संरक्षण के लिए मिसाल बने हैं। ग्रीन गुरू नाम से चर्चित शिक्षक अनिल सिंह केवल अपने विद्यालय तक ही सीमित नहीं हैं। पांच साल पहले एक जुलाई 2015 से शुरू की गई उनकी मुहिम अब रंग ला रही है। अनिल सिंह के सामने देश, काल और परिस्थितियां चाहे जो भी हों, वह पर्यावरण का दायित्व कभी नहीं भूलते। जिले में हो या बाहर इसकी परवाह किए बगैर वे हर रोज पौधरोपण करते हैं। अब तक उन्होंने चार हजार से अधिक पौधों का रोपण किया है। शिक्षक के साथ ही वे पर्यावरण शुद्धिकरण अभियान व खेल क्रांति से भी जुड़े हैं।

अभी तक उन्होंने जितने पौधे लगाए हैं उनमें 60 फीसदी हरे-भरे हैं। इस कार्य से उन्हें बेहद सुकून मिलता है। किसी व्यक्ति की तरफ से अगर उन्हें पेड़ों का सहयोग मिल गया तो ठीक, नहीं तो वे अपने पैसे से खरीदकर फलदार और छायादार पौधे लगाते हैं। पर्यावरण संरक्षण को लेकर उनके अंदर इतनी अधिक जुनून है कि वे अपनी परिवारिक पीड़ा को भी भूल जाते हैं। पर्यावरण संरक्षण को लेकर स्थानीय स्तर पर कई सम्मान और पुरस्कार भी उन्हें मिले हैं। ग्रीन गुरु को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गंगा सेवक सम्मान से सम्मानित किया है। उनका पूरा समय शिक्षण और पर्यावरण संरक्षण में व्यतीत होता है। अपने घर में उन्होंने खुद एक छोटी नर्सरी सजा रखी है। समाज में उनकी उपलब्धियों को पहुंचाना चाहिए।

मिल चुके हैं सम्मान

शिक्षक अनिल सिंह राजगढ़ ब्लाक अंतर्गत रैकरी गांव के रहने वाले हैं। उत्कृष्ट कार्य के लिए रोटरी क्लब मीरजपुर ने प्राइड आफ मीरजापुर, रोटरी क्लब विध्याचल ने शिक्षक सम्मान, रोटरी क्लब मीरजपुर गौरव ने सम्मान पत्र, राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन 1917 ने विध्य व्यापार गौरव, राष्ट्रीय जन उद्योग संगठन 1919 ने व्यापार रत्न सम्मान, सुपर इंडिया पावर फाउंडेशन वाराणसी ने गीताश्री सम्मान, चंद्रशेखर फाउंडेशन भारत द्वारा यूपी गौरव सम्मान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर गंगा सेवक सम्मान से सम्मानित किया है। साथ ही इनरव्हील क्लब, विजेता फाउंडेशन व आल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन ने भी सेवा सम्मान से सम्मानित किया है। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल व डीआईओएस जालौन प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित कर चुके हैं।

ग्रीन गुरु बोले- प्रकृति से लें सबक तो धरती होगा बेहतर स्थान

ग्रीन गुरु अनिल सिंह कहते हैं, पेड़ सबके लिए समान हितकारी बनकर स्वस्थ वातावरण के लिए छाया, फल-फूल और भूखों के लिए भोजन प्रदान करते हैं। वे बदले में किसी चीज की मांग नहीं करते। धरती बीजों को पौधों में तब्दील करती है। यदि कोई प्रकृति से सबक लें तो धरती एक बेहतर स्थान बन जाएगा।

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