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Mirzapur : पद्मश्री से सुशोभित होगी विंध्य क्षेत्र की कजरी गायन और हस्तकला, राष्ट्रपति करेंगी पुरस्कृत

हस्त निर्मित दरी के लिए खलील व कजरी गायन के लिए उर्मिला को मिलेगा सम्मान

मीरजापुर : नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विंध्य क्षेत्र की कजरी गायन और हस्तकला को पद्मश्री सम्मान से सम्मानित करेंगी। कजरी गायन के लिए उर्मिला श्रीवास्तव और हस्त निर्मित दरी के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए खलील अहमद को 22 अप्रैल को पद्मश्री सम्मान से सम्मानित करेंगी। राष्ट्रपति भवन में 21, 22 और 23 अप्रैल को आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया है।

मेहनत और तपस्या का परिणाम… नेशनल अवार्ड और शिल्प गुरू से पद्मश्री तक का सफर

इमामबाड़ा निवासी खलील (75) तीन पीढ़ियों से हस्त निर्मित दरी की कला से जुड़े हैं और इसे समृद्ध बना रहे हैं। खलील को वर्ष 2000 में तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने नेशनल अवार्ड से सम्मानित किया था। वर्ष 2007 में वस्त्र मंत्रालय के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार शिल्प गुरू से पुरस्कृत किए गए थे।

सहायक आयुक्त उद्योग अशोक कुमार ने बताया कि खलील का पूरा परिवार दरी कारोबार से जुड़ा है। इनके पुत्र रुस्तम शोहराब, इफ्तिखार अहमद, जलील अहमद भी हस्तकला से जुड़े हैं। खलील अहमद ने इसे वर्षों की मेहनत और तपस्या का परिणाम बताया। पुरस्कार से नई पीढ़ी को इस विधा से जुड़ने का संबल मिलेगा। कारीगरों के हुनर से मीरजापुर की कालीन दरी की दुनिया भर में पहुंच है। मीरजापुर की दरी को जीआई टैग का तमगा भी लग चुका है।

कजरी गायिका उर्मिला को हासिल है महारथ, संगीत गायन की रह चुकी हैं प्रवक्ता

कजरी गायिका उर्मिला श्रीवास्तव आर्यकन्या इंटर कालेज में संगीत गायन की प्रवक्ता रह चुकी हैं। उत्तर प्रदेश के लोकगीत, भोजपुरी, मुख्यत: मीरजापुरी कजरी, देवी गीत, दादरा, कहरवां, पूर्वी, चैती, होली, कजरी, झूमर, खेमटा, बन्नी, सोहर, लचारी, विदेसिया विधा में इनको महारथ हासिल है। अखिल भारतीय सांस्कृतिक, साहित्यिक, समाजसेवी संस्था रंगभारती एवं उत्तर प्रदेश नागरिक परिषद की ओर से 23 जनवरी को लखनऊ में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कजरी गायिका को लोकगायन रंगभारती सम्मान से सम्मानित किया था।

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