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Meerut : तीसरी बार चुने गए अनिल कुमार पहली बार बने प्रदेश सरकार में मंत्री

मेरठ : (Meerut) भाजपा के साथ गठबंधन के बाद रालोद कोटे से विधायक अनिल कुमार (MLA from RLD quota Anil Kumar) को उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। इससे पहले वह तीन बार अलग-अलग पार्टियों से विधायक चुने गए।

भाजपा के साथ गठबंधन के बाद रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी राजनीति में सामाजिक समीकरण साधने में लगे हैं। पहले बागपत लोकसभा सीट से पुराने रालोद कार्यकर्ता डॉ. राजकुमार सांगवान को उम्मीदवार बनाकर कर्मठ कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि पुराने व जमीनी कार्यकर्ताओं को पार्टी भूली नहीं है। इसके साथ ही गुर्जर कोटे से मीरापुर विधायक चंदन चौहान को बिजनौर लोकसभा सीट से उम्मीदवार घोषित किया। चंदन चौहान के दादा नारायण सिंह 1979 में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री रहे। उनके पिता संजय चौहान बिजनौर से सांसद रहे। गुर्जर बिरादरी को साधने के साथ ही मथुरा के योगेश चौधरी को एमएलसी उम्मीदवार बनाया। अब दलित कोटे से अनिल कुमार को प्रदेश सरकार में मंत्री बनाकर सामाजिक समीकरण साधे हैं।

सहारनपुर जनपद के तहारपुर गांव के मूल निवासी अनिल कुमार राजनीतिक रूप से मुजफ्फरनगर जनपद में सक्रिय है। वह तीन बार विधायक चुने जा चुके हैं। वे 2007 में पहली बार चरथावल सुरक्षित सीट से विधायक चुने गए और उन्हें 35417 वोट प्राप्त हुए। 2012 में नए परिसीमन के बाद चरथावल सामान्य सीट बन गई और पुरकाजी को सुरक्षित सीट का दर्जा मिला। इसके बाद अनिल कुमार पुरकाजी सीट से बसपा टिकट पर चुनाव जीतकर दूसरी बार विधायक चुने गए। 2017 के चुनाव में अनिल कुमार को भाजपा के प्रमोद ऊंटवाल से हार का सामना करना पड़ा। 2022 में रालोद के टिकट पर सपा के गठबंधन से अनिल कुमार ने पुराकाजी से चुनाव जीता। प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने के बाद अनिल कुमार ने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है। एनडीए गठबंधन उत्तर प्रदेश में सभी सीटों पर जीत हासिल करके विपक्ष का क्लीन स्वीप करेगा।

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