ठाणे: (Thane) महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने तीन बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में अवैध तरीके से रहने का दोषी ठहराते हुए पांच साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।विशेष न्यायाधीश एम.बी.पटवारी ने 21 जनवरी को तीन अलग अलग आदेशों में कहा कि आरोपी जो मार्च 2017 से ही कारावास में हैं, भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा- 428 (दी गई सजा में से विचाराधीन कैदी के तौर पर काटी गई सजा की अवधि घटाने का प्रावधान) के तहत ‘‘सजा में कमी के पात्र हैं।’’ अदालत ने तीनो दोषियों समद शिखदर (56), लिटान अफजल मंडल उर्फ मंडोल (30) और शमीम मोहिद मुल्ला (35) पर 1500-500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
न्यायाधीश ने संबंधित अधिकारियों को पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम 1920 और नियम 1950 के तहत राज्य से निर्देश लेने और दोषियों को सजा पूरी होने के बाद उनके देश प्रत्यर्पित करने का निर्देश दिया।अदालत ने ठाणे के कोपरी पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक को दोषियों के प्रत्यार्पण के बाद रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।विशेष लोक अभियोजक एस एच महात्रे ने कहा कि न्यायाधीश ने माना कि अभियोजन पक्ष ने सभी आरोपों को साबित किया है।


