राज्यपाल ने महिलाओं द्वारा बनाये गये मोटे अनाज के व्यंजनों का लिया स्वाद
लखनऊ : प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन में कार्यरत महिलाओं द्वारा बनाए मोटे अनाज-श्री अन्न से बने व्यंजनों का आंनद लिया। ये व्यंजन राजभवन में कार्यरत महिलाएं अपने घरों से बनाकर लाई थीं और उन्होंने सभी सहकर्मियों के लिए इन व्यंजनों को परोसा। मोटे अनाज के स्वादिष्ट व्यंजनों की सुगन्ध में अनायास ही सहकर्मी इन व्यंजनों को बनाने की विधि पूछते नजर आए।
राज्यपाल ने विविधतापूर्ण व्यंजनों की रैसिपी बुक बनाने के लिए महिलाओं को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि व्यंजनों के स्वाद घर के बच्चों को चखाएं, जिससे वे पौष्टिकता प्राप्त करें। स्वस्थ और मजबूत बनें। उन्होंने सबको बताया कि हमारे देश के प्रधानमंत्री ने जब विश्व पटल पर वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित करने का प्रस्ताव रखा, तो पूरे विश्व ने इसे सहर्ष स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व हमेशा बड़े स्तर पर सबकी बेहतरी के लिए सोचता है। राज्यपाल ने राजभवन के पुरुष कर्मियों को भी मोटे अनाज के व्यंजन निर्माण के लिए प्रेरित किया।
आज प्रदर्शित किए गए व्यंजनों में जहाम रागी, बाजरा, कोदो के लड्डू, बाजरे की खीर, ज्वार के ढोकले, मल्टीग्रेन पोहा, बाजरे की चाट, सांवा की खीर और पुए जैसे विविधतापूर्ण व्यंजन महके, वहीं व्यंजनों के साथ महिला कर्मचारी रीता यादव की चटनी पर लिखी कविता का चटकारा भी सहकर्मियों ने लिया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राज्यपाल कल्पना अवस्थी सहित राजभवन के समस्त महिला एवं पुरुष कर्मचारी उपस्थित रहे।


