
लखनऊ : (Lucknow) कृषि क्षेत्र को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में बड़े पैमाने पर डिजिटल पहलें लागू की जा रही हैं। राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री अभियान (Digital Crop Survey and Farmer Registry campaigns) के माध्यम से किसानों का सटीक डाटाबेस तैयार करने तथा उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने का प्रयास तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार इन पहलों से कृषि प्रबंधन अधिक सुव्यवस्थित होगा और किसानों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंच सकेगा।
प्रदेश में खरीफ और रबी दोनों फसल चक्रों (Kharif and Rabi crop cycles) के दौरान डिजिटल क्रॉप सर्वे को प्राथमिकता दी गई है। इस प्रक्रिया के तहत राजस्व गांवों में खेतों और उनमें बोई गई फसलों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस सर्वे से खेती से जुड़े आंकड़ों की सटीकता बढ़ेगी और कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन में भी आसानी होगी।
रबी सीजन में 5.56 करोड़ प्लाट का सर्वे
राज्य में कुल 1,08,935 राजस्व गांवों में से अब तक 95,765 गांवों का जियो-रेफरेंसिंग कार्य (geo-referencing work) पूरा किया जा चुका है। इसी आधार पर बड़े पैमाने पर खेतों और फसलों का डिजिटल सर्वेक्षण किया गया है। खरीफ सीजन के दौरान 5.37 करोड़ से अधिक खेतों के प्लॉट का सर्वे अनुमोदित किया गया, जबकि रबी सीजन में भी 5.56 करोड़ से अधिक प्लॉट का डिजिटल सर्वे पूरा किया जा चुका है।
सम्मान निधि के 2.88 करोड़ लाभार्थी
किसानों को योजनाओं से जोड़ने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अभियान को भी विशेष अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi) योजना के लगभग 2.88 करोड़ लाभार्थी हैं। सत्यापन प्रक्रिया के बाद 2.31 करोड़ से अधिक किसानों का डेटा व्यवस्थित रूप से उपलब्ध कराया गया है।
1.67 करोड़ लाभार्थियों का पंजीकरण पूरा
इनमें से अब तक करीब 1.67 करोड़ लाभार्थियों का पंजीकरण फार्मर रजिस्ट्री में हो चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 72 प्रतिशत है। इसके अतिरिक्त करीब 28 लाख से अधिक ऐसे किसानों को भी इस रजिस्ट्री में शामिल किया गया है जो पीएम किसान योजना के लाभार्थी नहीं हैं, लेकिन कृषि गतिविधियों से जुड़े हुए हैं।
योजनाओं तक पहुंच बनाएगा समग्र डाटाबेस
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री से राज्य में किसानों का एक समग्र और प्रमाणित डाटाबेस तैयार होगा। इससे फसल बीमा, कृषि सब्सिडी, प्राकृतिक आपदा राहत और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ सही किसानों तक पहुंचाने में सुविधा होगी।


