spot_img

Lucknow : केंद्र सरकार के दखल के बाद आलू किसानों पर मंडराता संकट टला

लखनऊ : (Lucknow) शीतगृहों में अमोनिया गैस की आपूर्ति बाधित (disruption in the supply of ammonia gas) होने से उपजे संकट पर आखिरकार विराम लग गया है। केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद प्रदेश के कोल्ड स्टोरेज को गैस सप्लाई बहाल करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं, जिससे लाखों आलू किसानों को बड़ी राहत मिली है।

उद्यान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह (Dinesh Pratap Singh, the Minister of State for Horticulture) ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से अमोनिया की कमी के चलते शीतगृह संचालन प्रभावित हो रहा था। प्रदेश के किसान अपनी करीब 70 प्रतिशत उपज, लगभग 150 लाख मीट्रिक टन आलू, पहले ही भंडारित कर चुके थे।

ठप हो गई थी कूलिंग की व्यवस्था
अमोनिया गैस नहीं होने से कूलिंग व्यवस्था बाधित थी और आलू खराब होने का खतरा तेजी से बढ़ रहा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमोनिया गैस शीतगृह संचालन का अनिवार्य तत्व है (ammonia gas is an essential component of cold storage operations) और इसका कोई व्यवहारिक विकल्प उपलब्ध नहीं है। सप्लाई रुकने से न सिर्फ भंडारित आलू, बल्कि शेष उपज के सुरक्षित भंडारण पर भी संकट गहरा गया था।

दो दिन में ही शीतगृहों को मिली गैस
मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार के स्तर पर हस्तक्षेप किया गया। उर्वरक एवं रसायन मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Minister of Chemicals and Fertilizers, Jagat Prakash Nadda, and the Minister of Petroleum, Hardeep Singh Puri) के समन्वय से महज दो कार्यदिवस में आपूर्ति बहाल करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद शीतगृह संचालकों को निर्बाध अमोनिया गैस उपलब्ध कराने के निर्देश जारी कर दिए गए।

यूपी में बढ़िया रहा आलू का उत्पादन
राज्यमंत्री (Minister of State) ने इसके लिए केंद्र सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि समय रहते उठाए गए इस कदम से किसानों की फसल सुरक्षित रह सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष प्रदेश में आलू का उत्पादन बेहतर रहा है और भंडारण व विपणन की पूर्व तैयारियां पूरी थीं, लेकिन गैस संकट ने स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना दिया था, जिसे अब नियंत्रण में कर लिया गया है।

Explore our articles