अक्षय तृतीया से शुरू होने वाला महोत्सव चलता है 21 दिन
लखनऊ : लखनऊ के गोल्फ सिटी स्थित इस्कॉन मंदिर में अक्षय तृतीया के पुनीत अवसर पर चन्दन यात्रा महोत्सव का प्रारम्भ हुआ। मंदिर अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभु ने चन्दन यात्रा महोत्सव के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर काफी संख्या में भक्त शामिल हुए।
चंदन यात्रा कथा का महात्म्य के बारे में प्रभु जी ने बताया कि एक बार भगवान के प्रिय भक्त एवं महान आचार्य माधवेंद्र पुरी जी को वृंदावन में भगवान गोपाल जी के विग्रह से स्वप्न देते हैं कि हे माधवेंद्र जेठ माह में मुझे बहुत गर्मी लगती है, तुम जगन्नाथपुरी जाकर मेरे लिए चंदन लेकर आओ और मेरे शरीर पर लेप करो, यह सपना आते ही माधवेंद्र पुरी जी वृंदावन से तत्काल पैदल ही जगन्नाथ जी की पुरी उड़ीसा के लिए निकल पड़े। वह वहां से चंदन लेकर आए और भगवान को उन्होंने चंदन लेप लगाकर यह सेवा पूरी की। तबसे यह उत्सव चंदन यात्रा के रूप में पूरे विश्व में इस्कॉन के मंदिरों में धूमधाम से मनाया जाता है। यह उत्सव निरंतर 21 दिनों तक चलता है।
अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभु ने बताया कि श्रीकृष्ण तो परम पुरुषोत्तम भगवान हैं, वे आत्माराम हैं, उन्हें किसी प्रकार की सुविधा की कोई आवश्यकता नहीं है। लेकिन भक्तों के लिए भगवान ही सब कुछ हैं, भगवान भक्तों के प्राण हैं, भगवान की प्रसन्नता एवं संतुष्टि के लिए हम सबको भगवान को चन्दन लगाकर उनके प्रति प्रेम और लगाव व्यक्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अक्षय तृतीया के शुभ एवं कल्याणकारी दिन हमें भौतिक जगत के भीषण ताप से मुक्त होने के लिए नित्य भक्ति द्वारा भगवान का आश्रय ग्रहण करना चाहिए, जिससे हम भी भागवत प्रेम के महासागर में तैर सकें।
अपरिमेय श्याम प्रभु ने मंदिर में उपस्थित भक्तों एवं सभी लखनऊवासियों को अक्षय तृतीया एवं चन्दन यात्रा महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए चन्दन यात्रा महोत्सव में उत्साहपूर्वक भाग लेने का अनुरोध किया।


