लंदन : (London) टॉटेनहम हॉटस्पर के कप्तान क्रिस्टियन रोमेरो (Tottenham Hotspur captain Cristian Romero) पर लिवरपूल के खिलाफ मैच में रेड कार्ड मिलने के बाद लंबा प्रतिबंध लग सकता है। इंग्लैंड की फुटबॉल एसोसिएशन (एफए) (The English Football Association) ने उन पर मैदान छोड़ने में देरी करने और रेफरी के प्रति “आक्रामक” (“aggressive”) रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए औपचारिक चार्ज लगाया है।
पिछले शनिवार को खेले गए प्रीमियर लीग मुकाबले में टॉटेनहम को लिवरपूल के खिलाफ 1-2 से हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में रोमेरो को लिवरपूल डिफेंडर इब्राहिमा कोनाटे को किक मारने के लिए दूसरा येलो कार्ड दिखाया गया, जिसके बाद रेफरी जॉन ब्रूक्स ने उन्हें मैदान से बाहर भेज दिया। रोमेरो के आउट होने से स्पर्स की स्थिति और खराब हो गई, क्योंकि इससे पहले ही पहले हाफ में ज़ावी सिमंस को गंभीर फाउल प्ले के लिए रेड कार्ड दिखाया जा चुका था और टीम नौ खिलाड़ियों के साथ खेल रही थी।
अर्जेंटीना के सेंटर-बैक रोमेरो को इससे पहले लिवरपूल के दूसरे गोल के दौरान ह्यूगो एकितीके द्वारा कथित धक्का दिए जाने पर विरोध जताने के लिए येलो कार्ड मिला था। नियमों के अनुसार एक ही मैच में दो येलो कार्ड मिलने पर वह स्वतः ही रेड कार्ड में बदल जाता है। रेड कार्ड के चलते रोमेरो पर फिलहाल एक मैच का स्वचालित प्रतिबंध लग चुका है, जिसके कारण वह रविवार को क्रिस्टल पैलेस के खिलाफ होने वाले लंदन डर्बी में नहीं खेल पाएंगे। हालांकि, एफए के आरोपों में दोषी पाए जाने पर उन पर अतिरिक्त सजा और लंबा प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है। रोमेरो को 2 जनवरी तक इस आरोप का जवाब देना होगा।
आने वाले दिनों में टॉटेनहम का कार्यक्रम भी काफी व्यस्त है। टीम 01 जनवरी को ब्रेंटफोर्ड के खिलाफ खेलेगी, 4 जनवरी को संडरलैंड की मेजबानी करेगी और इसके तीन दिन बाद बॉर्नमाउथ का दौरा करेगी।
एफए के बयान में कहा गया, “यह आरोप है कि रोमेरो ने 93वें मिनट में रेड कार्ड मिलने के बाद तुरंत मैदान नहीं छोड़ा और/या मैच रेफरी के प्रति टकरावपूर्ण अथवा आक्रामक व्यवहार किया।” इस सीजन प्रीमियर लीग में रोमेरो पहले ही सात येलो कार्ड प्राप्त कर चुके हैं। वहीं टॉटेनहम के मुख्य कोच थॉमस फ्रैंक ने रेफरी जॉन ब्रूक्स पर गंभीर आरोप लगाए हैं। फ्रैंक का कहना है कि रेफरी ने अपने कर्तव्यों का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया।
फ्रैंक ने कहा, “मैदान पर जॉन ब्रूक्स से बड़ी गलती हुई। एकितीके ने साफ तौर पर दो हाथों से धक्का दिया। मुझे समझ नहीं आता कि उन्होंने यह कैसे नहीं देखा। वीएआर का होना इसलिए है कि ऐसी गलतियां सुधारी जाएं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।” उन्होंने कहा, “अगर उस दूसरे गोल से पहले रेफरी ने अपना काम ठीक से किया होता, तो रोमेरो को पहला येलो कार्ड ही नहीं मिलता। मेरे पास एक बेहद जुनूनी खिलाड़ी है, और ऐसे खिलाड़ियों के साथ कभी-कभी सीमा तक जाना पड़ता है।”
इस हार के बाद टॉटेनहम अंक तालिका में 14वें स्थान पर खिसक गया है, जिससे जून में एंजे पोस्टेकोग्लू के जाने के बाद टीम की कमान संभालने वाले थॉमस फ्रैंक पर दबाव और बढ़ गया है।


