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London : ऋषि सुनक ने जनादेश स्वीकारा, राष्ट्र के नाम संबोधन में कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं

लंदन : ब्रिटेन के आम चुनाव में कंजर्वेटिव पार्टी की करारी हार को स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने अपने छोटे कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं और कहा कि उन्होंने मतदाताओं के गुस्से, निराशा और बदलाव की इच्छा को भी सुना है।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास 10, डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर आज उन्होंने देश को संबोधित किया। इस मौके पर उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति भी मौजूद रहीं।

सुनक ने प्रधानमंत्री पद से अपने इस्तीफे की पुष्टि करते हुए कहा- ‘देश से मैं सबसे पहले कहना चाहूंगा कि मुझे खेद है। आपने स्पष्ट संकेत दिया है कि यूनाइटेड किंगडम की सरकार को बदलना होगा। आपका ही निर्णय मायने रखता है। मैंने आपका गुस्सा और आपकी निराशा सुनी है। मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं।’

उन्होंने कहा कि उत्तराधिकारी के चयन की व्यवस्था हो जाने के बाद वे कंजर्वेटिव नेता के रूप में पद छोड़ देंगे। ऐसी संभावना है कि पार्टी केवल 121 से अधिक सीटें जीत पाएगी, जो पार्टी के इतिहास में सबसे खराब परिणाम है।

कीर स्टार्मर की शानदार जीत पर बधाई देते हुए सुनक ने कहा, ‘मैं उन्हें और उनके परिवार को शुभकामनाएं देता हूं। चुनाव में हमारी चाहे जो भी असहमति रही हों, वह सभ्य, सार्वजनिक-उत्साही व्यक्ति हैं। उनका मैं सम्मान करता हूं। उम्मीद है कीर और उनका परिवार इस इमारत के दरवाजे के पीछे नए जीवन में बड़ा परिवर्तन महसूस करेंगे।’

सुनक ने कहा अब हमें देश के पुनर्निर्माण के लिए विपक्ष में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। उन्होंने पार्टी उम्मीदवारों और प्रचारकों से माफी भी मांगी। कहा, ‘मुझे आपकी उम्मीदों के अनुरूप परिणाम नहीं दे पाने का खेद है। यह सोचकर दुख होता है कि उनके कुछ अच्छे सहयोगी अब हाउस ऑफ कॉमंस में नहीं बैठेंगे।’

देश को संबोधित करने से पहले ऋषि सुनक परंपरा के अनुरूप सम्राट से मिलने बकिंघम पैलेस पहुंचे। ब्रिटेन के पहले ब्रिटिश-एशियाई प्रधानमंत्री के रूप में अपनी ऐतिहासिक उपलब्धि का उल्लेख करते हुए सुनक ने कहा, ‘ब्रिटेन के बारे में सबसे विशेष बात यह है कि मैं दादा-दादी के आने के दो पीढ़ियों के बाद भी सामान्य व्यक्ति से प्रधानमंत्री के पद तक पहुंच सका। मैंने अपनी दो बेटियों को डाउनिंग स्ट्रीट की सीढ़ियों में दीपावली पर मोमबत्तियां जलाते हुए देखा। हमें ब्रिटेन के दयालुता, शालीनता और सहिष्णुता के दृष्टिकोण को कभी नहीं भूलना चाहिए।’

उल्लेखनीय है कि भारतीय मूल के ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने उत्तरी इंग्लैंड में रिचमंड एवं नॉर्थलेरटन सीट पर 23,059 वोट के अंतर के साथ दोबारा जीत हासिल की है। मगर वह देश में 14 साल की सरकार के बाद अपनी पार्टी को दोबारा जीत हासिल कराने में विफल रहे।

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