
कुवैत सिटी : (Kuwait City) अमेरिका-इजराइल की ईरान (US-Israeli conflict with Iran) के साथ चल रहे युद्ध के बीच कुवैत पर बड़ा ड्रोन हमला हुआ है। ईरान तेल अवीव के अमेरिका के सहयोगी फारस की खाड़ी देशों पर हमला कर रहा है। कुवैत ने कहा कि ड्रोन से सरकारी इमारत को निशाना बनाया गया। ड्रोन हमले में एयरपोर्ट के फ्यूल डिपो में भयंकर आग लग गई।
पब्लिक इंस्टीट्यूशन फॉर सोशल सिक्योरिटी के कार्यवाहक निदेशक बताया कि बिल्डिंग के कई गार्ड्स को सुरक्षित निकाल लिया गया और किसी के घायल होने की खबर नहीं है। डेटा सुरक्षित है। इसके अलावा कुवैत इंटरनेशनल (Kuwait International Airport) पर दो फ्यूल डिपो पर भी ड्रोन हमला हुआ।उनमें से एक में भयंकर आग लग गई। कुवैत फायर फोर्स ने कहा कि टीम अभी सरकारी बिल्डिंग और फ्यूल डिपो में लगी आग बुझाने का काम कर रही है। कुना का कहना है कि यह हमला ऐसे समय पर हुआ, जब कुवैत का एयर डिफेंस दुश्मन ड्रोन की लहर का सामना कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि ईरान ने माफी मांगने के बावजूद फारस की खाड़ी के देशों पर बमबारी की है। इस बीच, लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय (Lebanon’s Health Ministry) ने पुष्टि की सेंट्रल बेरूत में रमाडा होटल की बिल्डिंग के एक अपार्टमेंट पर इजराइली हमले में कम से कम चार लोग मारे गए और दस अन्य घायल हो गए। हैरानी की बात है कि इजराइल ने हिजबुल्लाह के नियंत्रण वाले दक्षिणी इलाकों के बजाय मध्य बेरूत के बीचों-बीच हमला किया।
इससे पहले फारस की खाड़ी के देशों ने रविवार सुबह हवाई हमलों और इंटरसेप्शन की रिपोर्ट दी है। कुवैती आर्मी ने कहा कि स्थानीय समय पर रविवार को ईरान ने कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Kuwait International Airport) के फ्यूल स्टोरेज पर ड्रोन की बौछार कर दी। कुवैती आसमान में ड्रोन को इंटरसेप्ट किया जा रहा है। ड्रोन मलबे से कुछ नागरिक ढांचों को नुकसान हो रहा है।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने भी कहा है कि उसने ड्रोन हमलों का सामना किया और रविवार सुबह कम से कम 21 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया। बहरीन में किंग फहद कॉज-वे के पार मीना सलमान बंदरगाह पर एक जगह पर आग लग गई है। बहरीन के गृह मंत्रालय ने इसे ईरानी हमला बताया है।
यह हमले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन (President Masoud Pezeshkian) के माफी मांगने के बाद हुए हैं। उन्होंने शनिवार को खाड़ी देशों से पिछले हफ्ते इलाके में यूएस बेस पर ड्रोन और मिसाइल हमलों के लिए माफी मांगी थी। पेजेशकियन के कार्यालय ने बाद में साफ किया कि राष्ट्रपति का मतलब था ”अगर इलाके के देश अमेरिका के ईरान पर हमले में साथ नहीं देते हैं, तो हम उन पर हमला नहीं करेंगे।”


