spot_img

Kota : इस बार राजस्थान की जनता परिवर्तन के मूड मेंः धामी

कोटा: (Kota) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को कोटा में पत्रकारों से कहा कि झालावाड़ में परिवर्तन संकल्प यात्रा को देखकर लगा कि राजस्थान की जनता अब की बार सत्ता में परिवर्तन का मन बना चुकी है। इसका कारण स्पष्ट है। राजस्थान में कांग्रेस सरकार बनने के बाद पांच साल में विकास का पहिया रुक सा गया है। उसे आगे बढ़ाने के लिए आम जनता को डबल इंजन की सरकार चाहिए। केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी भाजपा की सरकारें होंगी तो विकास तेजी से होगा।

उन्होंने अफसोस जताया कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार बनने के बाद भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म का विरोध सबसे अधिक हो रहा है। यहां दशहरा, रामनवमी सहित अन्य हिंदू त्योहारों के जुलूस निकालने पर पाबंदियां लगा दी जाती हैं। शिवलिंग को कटर लगाकर काटने जैसी घटनायें हो रही हैं। हर स्तर पर भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि घमंडिया गठबंधन में हिंदू सनातन संस्कृति को अपमानित करने की होड़ मची है। उदयनिधि स्टालिन की विवादित टिप्पणी का खंडन करने की बजाय कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी आदि मौन साधकर बैठ गये।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनकल्याण योजनाओं का गांव में बैठे अंतिम व्यक्ति को भी लाभ मिल रहा है। उन्होंने जो कहा, उसे करके दिखा दिया है। कश्मीर में अनुच्छेद-370, अयोध्या में राम मंदिर, तीन तलाक पर कानून, महिला आरक्षण जैसे निर्णय आज तक कोई सरकार नहीं कर सकी थी। प्रधानमंत्री देश को विकसित और आगे बढ़ाने के लिए प्रत्येक क्षेत्र में विशेष योजनायें लागू कर रहे हैं। भारत की अध्यक्षता में जी-20 बैठक आयोजित करना देश के लिए गौरव की बात है।

भाजपा में गुटबाजी से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा में हम सब पार्टी के कार्यकर्ता पहले हैं, मुख्यमंत्री बाद में। हम सब एक-दूसरे राज्यों में जाकर बूथ के कार्यकर्ताओं से भी मिलते हैं। यही हमारी ताकत है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पहले से अन्य कार्यक्रम में होने के कारण झालावाड़ नहीं पहुंच सकीं।

भारत शब्द से विपक्ष को एतराज क्योंः

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विपक्षी गठबंधन ने अपना नाम इंडिया रख लिया, यह अच्छी बात है लेकिन उनको भारत शब्द से इतना एतराज क्यों होने लगा है। देश में रहकर वंदे मातरम कहने में क्या आपत्ति है। विपक्षी दल भाजपा का विरोध करते-करते अब देश का भी विरोध करने लगे हैं। यह गिरावट का संकेत है।

Explore our articles