कोलकाता : मणिपुर में एक महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी हिंसा जारी है। इसी क्रम में सोमवार देर रात राज्य में सेना और उग्रवादियों के बीच हुई लड़ाई में बंगाल का जवान रंजीत यादव शहीद हो गये। उत्तर 24 परगना जिला अंतर्गत भाटपाड़ा के निवासी रंजीत देर रात सेरू में ड्यूटी पर तैनात थे, उसी दौरान यह घटना हुई। जवान की मौत पर इलाके में शोक का माहौल है।
सूत्रों के अनुसार आतंकियों के हाथों शहीद हुए रंजीत यादव भाटपाड़ा नगर पालिका के वार्ड नंबर 14 के सुगियापाड़ा के रहने वाले थे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार 26 मई को वह ड्यूटी के लिए उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर गये थे। रंजीत ने सोमवार रात भी अपनी पत्नी कौशल्या यादव से फोन पर बात की थी। उस समय फोन पर गोली चलने की आवाज सुनकर कौशल्या को अपने पति की चिंता हुई। आखिरकार उसका डर सच हो गया।
दु:खद समाचार मिलने के बाद मंगलवार सुबह भाटापाड़ा नगर पालिका के कई प्रतिनिधि शहीद जवान के घर पहुंचे और संवेदना व्यक्त की। रंजीत परिवार का इकलौते कमाने वाले थे। उनकी पत्नी और बेटे के अलावा वृद्ध माता-पिता, दो बहनें (एक नेत्रहीन) और एक बेरोजगार भाई है। जवान की मौत से दु:खी परिवार इस बात को लेकर चिंतित है कि आगे परिवार कैसे चलेगा? इस स्थिति में भाटपाड़ा नगर पालिका के प्रतिनिधियों ने परिवार को हर प्रकार की सहायता का आश्वासन दिया है।
नगर निगम के एक प्रतिनिधि ने कहा, “हम चेयरमैन से बात कर परिवार के लिए आमदनी का जरिया बनाने की कोशिश करेंगे। मैं परिवार के साथ हूं और रहूंगा। देश के लिए इतना कुछ करने वाले व्यक्ति के साथ सभी को खड़ा होना चाहिए।”
उल्लेखनीय हैं कि कुकी उग्रवादियों ने मंगलवार सुबह मणिपुर के सेरू इलाके में बीएसएफ शिविर पर हमला किया। मुठभेड़ में बीएसएफ का एक जवान शहीद हो गया जबकि असम राइफल्स के दो जवान घायल हो गए जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।


